फोटाे 31: सोनीपत कांग्रेस भवन में पत्रकारवार्ता करते हरियाणा कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष
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सोनीपत। हरियाणा कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने कहा कि संपत सिंह लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे। वह पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी भी कर रहे थे। उनका निष्कासन तय था। इसलिए अनुशासन समिति के गठन होते ही उन्होंने इस्तीफा देना बेहतर समझा।
उन्हें पता था कि अगर वह इस्तीफा नहीं देंगे तो भी उन्हें कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। पार्टी के निकाले जाने के डर से ही उन्होंने इस्तीफा दिया है। पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक बुधवार दोपहर कांग्रेस भवन में पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस की विचारधारा के साथ खड़े नहीं हो सकते, मुश्किल समय में पार्टी का साथ नहीं दे सकते और सिर्फ स्वार्थ की पूर्ति के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं, उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
संपत सिंह सत्ता के लालच में इनेलो छोड़कर कांग्रेस में आए, फिर सत्ता के लालच में ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए और अब सत्ता की संभावना देखकर भाजपा छोड़कर फिर कांग्रेस में लौट आए।
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने कहा कि विपक्ष में होने के बावजूद कांग्रेसी अपनी विचारधारा पर अटल हैं। कांग्रेस अनुशासन समिति ने प्रदेश को पांच जोन में बांटा है। जल्द ही पांच जोन में जाकर जिलाध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक व पूर्व विधायकों के साथ बैठक करेंगे।