सोनीपत। गांव नाहरा व हलालपुर के खेतों में बिछाई जा रही पावर ग्रिड की लाइन के विरोध में किसानों का धरना जारी रहा। उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम चिट्ठी लिखी। जिसमें दो टूक कहा है कि किसान सरकार से लड़ाई नहीं करना चाहते, लेकिन उनके हितों को ताक पर रखने नहीं दिया जाएगा। किसानों ने मांग की है कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता काम नहीं होने दिया जाएगा। धरने पर पहुंचे मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा ने आश्वस्त किया कि वह उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों पर सरकार हर समय बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन किसान अपने मुद्दों पर विपक्षियों को राजनीतिक रोटियां न सेंकने दें।
पावर ग्रिड लाइन के विरोध में गांव नाहरा में किसान एक सप्ताह से धरने पर डटे हुए हैं। उनका आरोप है कि नाहरा गांव के खेतों में किसानों को बिना सूचना दिए पावर ग्रिड की लाइन को बिछाने का प्रयास किया गया था। विरोध करने वाले किसानों को हिरासत में रखा गया था। नाहरा गांव के सरपंच उमेश दहिया ने कहा कि जब तक किसानों को जमीन का मार्केट रेट पर मुआवजा नही दिया जाएगा। किसान यहां टॉवर लगाने का काम शुरू नहीं होने देंगे। किसान दिन- रात बैठकर धरना चला रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा धरने पर किसानों की बात सुनने के लिए पहुंचे थे, जहां पर किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक चिट्ठी भी उन्हें सौंपी।