किसान वीरवार को संसद के लिए कूच करेंगे। जहां संसद के बाहर किसान संसद लगाई जाएगी और कृषि कानूनों पर चर्चा होगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को बैठक कर कुंडली बॉर्डर से संसद तक जाने को लेकर योजना बनाई। वहीं भाकियू चढूनी गुट के संसद कूच में शामिल होने पर संशय बना हुआ है। इसके साथ ही गुरनाम सिंह चढूनी भी अपने पंजाब मिशन के बयान पर अभी अड़े हुए हैं और वह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। जिससे किसान मोर्चा में चढूनी को लेकर चल रही खींचतान खत्म होती नहीं दिख रही है।
कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर बुधवार को हुई संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक में संसद कूच को लेकर योजना बनाई गई। किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, रूलदू सिंह मानसा, जगजीत सिंह दल्लेवाल, अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि संसद कूच के लिए वीरवार सुबह 200 किसान कुंडली बॉर्डर पर कजारिया टाइल्स कार्यालय पर एकत्र होंगे और वहां से वाहनों में बैठकर संसद कूच के लिए रवाना होंगे। किसान किस रूट से दिल्ली में प्रवेश करेंगे, इस बारे में किसान नेता अभी खुलासा नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वह कुंडली से नरेला वाले रास्ते से होते हुए दिल्ली में प्रवेश करेंगे। जिनको रोकने का दिल्ली पुलिस भी प्रयास कर रही है और इसलिए ही किसानों ने पुलिस से बचकर आगे बढ़ने की योजना बनाई है।
संसद कूच करने वाले किसानों के पहचान पत्र बनाए गए है। जिसको देखते हुए माना जा रहा है कि पहले दिन चढूनी गुट के किसान संसद कूच में शामिल नहीं होंगे। क्योंकि चढूनी गुट के किसानों के पहले दिन पहचान पत्र नहीं बने हैं। इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि मिशन पंजाब को लेकर संयुक्त मोर्चा से सस्पेंड किए गए गुरनाम सिंह चढूनी अपने बयान पर अड़े हुए हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को साफ कहा कि वह मिशन पंजाब के बयान से पीछे हटने वाले नहीं है और वह इसपर अड़े रहेंगे।
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पंजाब के किसान नेता बोले, हम मुख्यमंत्री बनने नहीं, जमीन बचाने आए
पंजाब के किसान नेता रूलदू सिंह मानसा ने कहा कि हमारे कुछ साथी कह रहे हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा का मुख्यमंत्री बनाओ। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि हम मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं, बल्कि अपने दादा की जमीन बचाने के लिए आए हैं। उस जमीन के सहारे ही परिवार चल रहे है और उस जमीन को बचाना जरूरी है।
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संसद कूच में भीड़ जाने से रोकने को अपील करते रहे किसान नेता
संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद कूच में केवल 200 किसानों के जाने की बात कही है, लेकिन किसान नेताओं को डर है कि संसद के लिए ज्यादा किसान रवाना हो सकते हैं। इसलिए किसान नेता बुधवार को मंच से किसानों से अपील करते रहे कि संसद कूच में केवल वह किसान शामिल होंगे, जिनको पहचान पत्र दिए जाएंगे। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यहां से केवल 200 किसान जाएंगे और इससे ज्यादा किसान जाते हैं तो असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। इसलिए अन्य किसानों को बॉर्डर पर रहकर ही आंदोलन करना है।