फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का दिल्ली कूच: कुंडली-सिंघु बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हुए 800 किसान, 5 घंटे रही जाम की स्थिति

Tue, 23 Aug 2022 02:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

दिल्ली में किसान महापंचायत चलते पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे। साथ ही रेत से भरे डंपर खड़े किए गए थे। सोनीपत जिले की सीमा से 5 बसों और 70 कारों में सवार होकर दिल्ली में किसान प्रवेश हुए। आठ अवरोधक लगाकर सड़क पर जिगजैग बनाया गया था। वीडियोग्राफी भी करवाई गई। 
विज्ञापन
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर जंतर-मंतर की ओर जा रही किसानों की गाड़ियों के नंबर नोट करता पुलिस कर्मी। स? - फोटो : Sonipat
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन स्थगित होने के आठ माह बाद एक बार फिर से कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसान एकता के नारे लगे। संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के आह्वान पर पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों के बैनर तले करीब 800 किसान कारों और बसों में सवार होकर दिल्ली में दाखिल हुए। दिल्ली और सोनीपत की पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर कड़े इंतजाम किए थे।

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस ने सड़क पर 8 अवरोधक लगाकर मार्ग को जिगजैग बनाया था। जिसके बीच से गुजरने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी करवाई गई और सभी के नंबर भी नोट किए गए। इस बीच सिंघु और कुंडली बॉर्डर पर करीब पांच घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे आधे घंटे बाद मशक्कत से निकाला गया।

संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के आह्वान पर सोनीपत समेत प्रदेश के अन्य जिलों व पंजाब से किसान सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। पंजाब और हरियाणा के संगठनों से संबंधित किसान सोमवार को सुबह करीब 9 बजे केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट स्थित नेशनल हाईवे-44 पर एकत्रित हुए। यहां से सुबह करीब 10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन


दिल्ली व हरियाणा पुलिस ने सिंघु व कुंडली बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। इस दौरान बॉर्डर के दोनों तरफ भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसानों के वाहनों की वीडियोग्राफी करवाई गई। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहनों को निकाला। सुरक्षा के ज्यादा कड़े इंतजाम दिल्ली की ओर किए गए थे।

इस दौरान कई बार स्थिति असहज हुई, लेकिन किसान नेताओं की मध्यस्थता और पुलिस की नरमी के कारण स्थिति सामान्य हो गई। कुंडली-सिंघु बॉर्डर से दिल्ली के लिए करीब 5 बसों व 70 कारों में सवार होकर 800 से अधिक किसान रवाना हुए। इनमें सोनीपत के 100 से अधिक किसान शामिल थे।

जीरो प्वाइंट पर जमकर की नारेबाजी, आठ माह पहले की स्थिति जहन में आई
सोनीपत से किसान संगठन भारतीय किसान नौजवान यूनियन व भाकियू (अंबावता) के बैनर तले एकत्रित हुए। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में किसानों ने जमकर नारे लगाए। इससे आठ माह पहले की स्थिति फिर से जेहन में उभर आई। किसानों ने सरकार को चेताया कि उनकी मांग नहीं मानी तो फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

वाहनों की लगी कतार, पैदल निकले यात्री
कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सबसे ज्यादा परेशानी आम वाहन चालकों और यात्रियों को हुई। घंटों इंतजार के बाद भी जब जाम नहीं खुला तो यात्री बसों, ऑटो से उतरकर पैदल ही चल दिए। लोगों ने कहा कि पिछली बार किसान आंदोलन के कारण सिंघु बॉर्डर का बंद होना फिर से उनके जेहन में है। ऐसी आशंका के चलते उन्होंने पैदल निकलने में ही भलाई समझी।

एसकेएम ने सुबह ही झाड़ लिया था प्रदर्शन से पल्ला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर सोमवार सुबह ही संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पल्ला झाड़ लिया था। इसे लेकर प्रवक्ता हरिंद्र ने एसकेएम के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर बताया था कि जंतर-मंतर पर आज का विरोध संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का आह्वान नहीं है। कुछ किसान संघ जो वर्ष 2020-21 के किसानों के विरोध के दौरान एसकेएम का हिस्सा थे वह इसका आयोजन कर रहे हैं। बीकेयू एकता सिद्धूपुर के जगजीत सिंह दल्लेवाल विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि बाकी किसान संघ और नेता इसमें शामिल नहीं हैं। इतना ही नहीं इसकी पुष्टि एसकेएम के नेता योगेंद्र यादव ने भी ट्वीट कर की थी।

कुंडली-सिंघु बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करतीं किसानों की गाड़ियां। संवाद

 

दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर रवाना होने से पहले केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट पर एकत्रित होकर नारेबाजी करते।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें