सोनीपत। 17 गांवों में हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को मार्केट रेट पर तय किए मुआवजे पर अब उपायुक्त की भी मुहर लग गई है। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित मुआवजा दरों को मंजूरी देते हुए अंतिम आदेश जारी कर दिए हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में 24 जून को हुई मार्केट रेट कमेटी की बैठक में मुआवजे की दरें तय कर ली गई थीं। अंतिम आदेश जारी होने में देरी को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच दो दिन से लगातार बातचीत चल रही थी। आखिरकार तीन दौर की बैठक के बाद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे उपायुक्त ने अंतिम आदेश जारी कर दिए।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले 17 गांवों के किसान तीन वर्ष से हाईटेंशन लाइनों से होने वाले नुकसान के उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान कई बार धरने, पंचायतें और प्रदर्शन हुए तथा पुलिस के साथ टकराव की स्थिति भी बनी। किसानों ने सरकार के समक्ष भी कई दौर की वार्ता की थी।
किसानों का कहना था कि उनके खेतों से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें खेती को प्रभावित करती हैं और जमीन के उपयोग पर भी असर डालती हैं। लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर 21 मार्च 2025 को किसान हितैषी कानूनी प्रावधान लागू किए। इस आधार पर अब प्रभावित किसानों के लिए वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा तय किया है।
दहिया खाप के प्रधान उमेश दहिया ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे संगठन और किसानों की एकजुटता की जीत है। जिन हाईटेंशन लाइनों को किसान अब तक आपदा मानते थे अब उनके नुकसान की आर्थिक भरपाई सुनिश्चित होने से यह बड़ी राहत में बदल गई है।
इस दौरान संदीप, अमित, कवित, अरविंद, प्रेम, सुमेर, जगबीर, महेंद्र, नरेश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।