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ट्रैक्टर परेड में रूट बदलने वाली आजाद कमेटी गलती मानने पर दोबारा मोर्चा का हिस्सा, भाकियू क्रांतिकारी अभी निलंबित

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सोनीपत। ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड का रूट बदलकर जाने वाले जिन दो संगठनों को निलंबित करके जांच कराई थी। उनमें से एक संगठन ने भीड़ ज्यादा होने से रास्ता भटकने के कारण गलती से रूट बदलने की बात कही है और कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर उस संगठन आजाद किसान कमेटी को दोबारा से संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा बना लिया गया है। जबकि भाकियू क्रांतिकारी पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और उसे अभी मोर्चा से निलंबित ही रखा गया है। जबकि अखिल भारतीय किसान सभा सीपीएम व सीपीआई के नेता कार्रवाई से पहले ही अपनी गलती मान चुके है।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसान ट्रैक्टर परेड के लिए पहले आउटर रिंग रोड का रूट तय किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक के बाद ट्रैक्टर परेड के सभी धरनास्थलों से अलग-अलग रूट तय किए गए थे। उसके बावजूद परेड के दौरान काफी किसान आउटर रिंग रोड पर चले गए थे। उसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं पर खूब सवाल भी उठे थे। उसके बाद जहां पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने खुद भी छानबीन कराई थी। जिसमें सामने आया था कि भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल व आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा भी रूट बदलकर आउटर रिंग रोड पर चले गए थे और उनके साथ काफी किसान भी रूट बदलकर गए थे। यह मामला सामने आते ही दोनों संगठनों को संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित करके कमेटी से जांच शुरू करा दी गई थी। आजाद किसान कमेटी के हरपाल सिंह सांगा ने कमेटी के सामने जवाब दिया कि ट्रैक्टर परेड के दौरान काफी भीड़ थी और उनको दिल्ली की सड़कों के बारे में जानकारी भी नहीं थी। इसलिए वह गलती से रास्ता भटक गए थे, लेकिन उनको जब आगे जाकर इस बारे में पता चला तो वह लौट आए थे। भाकियू क्रांतिकारी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल के रूट बदलने को लेकर भी यही बात कही गई है। जिसके बाद जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में रखी, जहां आजाद किसान कमेटी को क्लीनचिट देते हुए दोबारा से संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा बनाने का फैसला लिया गया।
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अखिल भारतीय किसान सभा सीपीएम व सीपीआई पहले दे चुके सफाई
रूट बदलने के कारण जब भाकियू क्रांतिकारी सुरजीत फूल गुट व आजाद किसान कमेटी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कराई गई तो अखिल भारतीय किसान सभा सीपीएम के नेता मेजर सिंह पुन्नावाल व अखिल भारतीय किसान सभा सीपीआई के बलदेव सिंह निहालगढ़ खुद ही आगे आ गए। उन दोनों ने अपनी सफाई में संयुक्त मोर्चा को पत्र लिखा कि वह भी रास्ता भटककर दूसरे रूट पर चले गए थे और वह गलती से उस रूट पर गए थे। जिससे उन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई थी।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने जिन दो संगठनों को निलंबित किया था, उनमें से आजाद किसान कमेटी के जवाब के साथ ही कमेटी की जांच रिपोर्ट को देखते हुए दोबारा से मोर्चा में शामिल कर लिया गया है। दूसरे संगठन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं है और उसको लेकर कमेटी की रिपोर्ट संतुष्टि वाली नहीं थी।
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दर्शनपाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा
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