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कुंडली धरनास्थल पर लगातार बढ़ रही भीड़, खापों का दिख रहा दबदबा

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कुंडली बॉर्डर स्थित धनास्थल पर ट्रैक्टर-ट्राली में पहुंचे किसान। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरने पर लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। अब धरना स्थल पर खापों का दबदबा दिखाई देने लगा है। किसान आंदोलन के बीच दहिया, आंतिल, मलिक, गहलावत, बाल्याण व खत्री समेत अन्य खाप प्रतिनिधियों ने डेरा जमाया हुआ है। खाप सदस्य धरनास्थल पर लगातार ट्रैक्टर परेड निकालकर आंदोलन को मजबूत करने के साथ ही किसानों में जोश भरने में लगे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार जब तक तीनों कानून निरस्त नहीं करती, तब तक वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।
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कुंडली बॉर्डर पर किसान 70 दिनों से लगातार आंदोलनरत हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर किसानों की दिल्ली में निकाली गई ट्रैक्टर परेड के दौरान मचे उपद्रव व लाल किले पर भड़की हिंसा के बाद किसान आंदोलन कमजोर पड़ने लगा था। करीब दो माह से परिवार सहित धरने पर डटे किसानों ने भी वापसी शुरू कर दी थी। किसान आंदोलन को कमजोर पड़ता देख सरकार ने भी सख्ती शुरू कर किसान नेताओं के खिलाफ नोटिस जारी किए और टोल को दोबारा शुरू करवा दिया गया। ऐसे में किसान आंदोलन को दोबारा मजबूती देने के लिए आधा दर्जन के करीब खाप उतर आई हैं।
बारिश के बावजूद हौसला बुलंद
मौसम के करवट बदलने और हल्की बारिश के बीच कुंडली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को एक बार फिर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी किसानों के हौसले बुलंद हैं। बारिश के बाद धरनास्थल पर जलभराव हुआ तो किसानों ने खुद ही कमान संभालते हुए पानी को निकाला। किसानों का कहना है कि कितनी भी परेशानी आए वह मांग पूरी कराकर ही वापस जाएंगे।
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ट्रैक्टर परेड निकाल भर रहे किसानों में जोश
किसान आंदोलन को मजबूती देते हुए खाप प्रतिनिधि रोजाना धरनास्थल पर ट्रैक्टर परेड निकाल रहे हैं और किसानों में जोश भर रहे हैं। किसानों को लगातार समर्थन मिले इसके लिए भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि धरनास्थल पर रोजाना किसानों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है।
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