सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत किसानों ने शनिवार को मुरथल, केजीपी और केएमपी के टोल प्लाजा फ्री करा दिए। शुक्रवार देर रात दो बजे ही किसान सक्रिय हो गए थे और पंजाब की ओर से आए नए जत्थे टोल फ्री कराते हुए कुंडली तक पहुंचे। इसी बीच किसानों को पता चला कि केएमपी-केजीपी टोल अभी तक चालू हैं। इसके बाद किसानों का जत्था पहले केएमपी व बाद में केजीपी पर पहुंचा और उन्हें फ्री कराया गया। केएमपी टोल देर शाम तक फ्री रहा, लेकिन केजीपी पर चार घंटे बाद टोल वसूली शुरू हो गई। खरखौदा में किसानों ने केएमपी पर टोल नहीं लेने दिया। टोल फ्री कराने से 90 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
किसानों ने शनिवार को प्रदेश में टोल फ्री कराने की चेतावनी दे रखी थी। जिसके चलते किसानों ने देर रात दो बजे नेशनल हाईवे-44 स्थित मुरथल टोल पर पहुंचकर वहां कर्मियों को चेतावनी देकर टोल फ्री करा दिया। मुरथल टोल प्लाजा के मैनेजर अशोक कुमार ने बताया कि रात को करीब 250 किसान टोल पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि टोल बंद नहीं करने पर नुकसान हो सकता है। ऐसे में उन्होंने टोल फ्री कर दिया। उन्होंने बताया कि इससे करीब 60 लाख रुपये का नुकसान होगा। पहले ही रूट डायवर्ट होने से उन्हें हर रोज करीब 25 लाख का नुकसान हो रहा है। भिगान टोल को दिनभर फ्री रखा गया। बाद में वहां किसानों का एक जत्था भी आकर बैठ गया। शाम को किसानों का जत्था वहां से रवाना हो गया। उसके बाद भी मुरथल टोल पर वसूली नहीं हो सकी।
सुबह 10 बजे केएमपी बंद तो साढ़े 11 बजे केजीपी का टोल प्लाजा फ्री कराया
किसानों को सुबह 10 बजे पता लगा कि केजीपी-केएमपी पर टोल लिया जा रहा है। वहां पहले से ही भारी पुलिस बल मौजूद था। उसके बाद किसान वहां पर पहुंचे और टोल फ्री कर दिए गए। सुबह 10 बजे भारतीय किसान पंचायत की गाड़ी पहले केएमपी पर पहुंची और टोल कर्मियों को काउंटरों से हटा दिया। साथ ही टोल बैरियर भी हटा दिए। इसके बाद यह टोल भी फ्री कर दिया गया। यहां एक घंटे रुकने के बाद भारतीय किसान पंचायत की यह गाड़ी साढ़े 11 बजे केजीपी पर पहुंची और यहां के टोल के बैरियर भी हटाकर टोल को फ्री करा दिया। किसान पंचायत की इस गाड़ी में 10-12 युवक व युवतियां शामिल थे। केजीपी टोल के सामने इन्होंने कुछ देर धरना भी दिया, लेकिन इसके बाद ये यहां रवाना हो गए। केजीपी टोल शाम करीब चार बजे तक फ्री रहा। केएमपी टोल देर शाम तक फ्री था। खरखौदा क्षेत्र में पिपली टोल को किसानों ने नौ बजे से दोपहर एक बजे तक फ्री रखा। किसान वहां बैठे रहे। ऐसे में केएमपी से उतरने वाहन चालकों ने टोल नहीं दिया और केएमपी चढ़ने वालों को पर्ची नहीं मिली।
किसानों की मांगों को कराएंगे पूरा
भारतीय किसान पंचायत से संबंधित 10-12 युवाओं का जत्था केजीपी टोल बैरियर पर धरना देकर बैठ गया था। जत्थे में शामिल सचिन व नवदीप कौर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि केजीपी व केएमपी टोल फ्री नहीं किया गया है। ऐसे में यहां पहुंचे और टोल को फ्री करवाया गया। उन्होंने कहा कि यहां कुछ कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह किसान आंदोलन को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए निकले हैं। यही कारण है कि यहां कुछ धरना दिया गया।
मुरथल टोल पर ज्यादा असर, केजीपी-केएमपी पर 25 फीसदी वसूली
नेशनल हाईवे 44 के मुरथल टोल प्लाजा से जहां रोजाना करीब एक लाख वाहन गुजरते थे और उससे 60 लाख रुपये की टोल वसूली होती थी। वहीं, किसान आंदोलन के कारण पिछले 15 दिनों से वाहन 50 प्रतिशत कम हो गए हैं और मुरथल टोल पर वसूली भी 30 लाख रुपये तक कम हो गई है। इसी तरह ही केजीपी पर रोजाना करीब 50 हजार वाहन गुजरते थे जो करीब 40 हजार तक हो गए हैं और इससे केजीपी पर 10 लाख रुपये तक कम टोल वसूली हो रही है। वहीं, केएमपी पर 40 हजार की जगह केवल 30 हजार तक वाहन रह गए है और वहां भी 10 लाख रुपये तक की रोजाना टोल वसूली कम हो रही है। शनिवार को भिगान टोल बैरियर पर टोल टैक्स की वसूली केवल दो फीसदी रही जबकि केजीपी पर 40 फीसदी और केएमपी पर करीब 25 प्रतिशत टोल टैक्स की वसूली हो सकी।
रात को नहीं दिखी पुलिस
किसानों की चेतावनी के बावजूद टोल पर रात को पुलिस की टीम नहीं दिखी। हालांकि पीसीआर जरूर गश्त कर गई थी। अन्य टोल पर किसानों की हलचल के बाद तड़के पुलिस टीम पहुंची। पुलिस ने सुबह टोल को जारी रखा, लेकिन 10 बजे पहुंचे किसान पंचायत के सदस्यों ने उसे फ्री करा दिया। इस दौरान पुलिस वहां पर खड़ी रही। मुरथल टोल पर भी पीसीआर की गाड़ी खड़ी रही, लेकिन किसान टोल फ्री कराकर निकल गए। केएमपी टोल प्लाजा पर एएसपी निकिता खट्टर की अगुवाई में पुलिस टीम सुरक्षा दे रही थी। एएसपी ने कहा कि पुलिस को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।