भूख हड़ताल कर नारेबाजी करते सेरसा के किसान।
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सोनीपत। केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। धरना स्थल पर सभी धर्मों के लोग अपना समर्थन देने पहुंच रहे हैं। जिससे सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बन रहा है। धरना स्थल पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ ही खाप पंचायतों से जुड़े लोग, आसपास और दूर दराज के किसान भी पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा। सीटू के सदस्य अपना बैनर व झंडा लेकर धरना स्थल पर पहुंचे। सीटू के आनंद शर्मा व अनीता ने बताया कि किसानों की जायज मांगों को केंद्र सरकार को तुरंत पूरा करना चाहिए। किसान अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही वापस जाएंगे। वहीं किसानों को समर्थन देने पहुंचे गहलावत खाप के सतबीर व उनके साथ आए श्रद्धानंद सौलंकी ने कहा कि किसान पूरे देश का पेट पालता है। केंद्र सरकार उसे ही परेशान कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह जल्द किसानों से बातचीत कर सभी मुद्दों को सुलझाए। वहीं सर्व दहिया खाप के राजकुमार ने कहा कि किसान देश सेवा करता है, उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता। किसान सड़क पर उतर आया है। सरकार को चाहिए कि जल्द बातचीत कर किसानों को उनका हक प्रदान करें। वहीं मालेर कोटला संगरूर, पंजाब से आए मोहम्मद व उसके साथियों ने कहा कि किसान पंजाब से यहां अपना हक मांगने आए हैं। सरकार को उन्हें किसी सूरत में निराश नहीं करना चाहिए। उधर, सोनीपत मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने भी किसानों को अपना समर्थन दिया। प्रधान पवन गोयल व संजय वर्मा ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन देने के साथ ही किसानों की जायज मांगों को पूरा करने की मांग की।
सेरसा के किसानों ने दिया समर्थन, भूख हड़ताल रखी
कुंडली बॉर्डर पर बैठे किसानों को सेरसा गांव के किसानों ने भी समर्थन देते हुए एक दिन की भूख हड़ताल रखी। किसान नेता राजकुमार सेरसा ने कहा कि किसानों के खिलाफ बनाए कानून जल्द वापस होने चाहिए। कुंडली बॉर्डर पर समर्थन देने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल रखी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों को भूमिहीन करने वाली सरकार अब तीन काले कानून थोपना चाहती है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। हरियाणा के किसान अपने बड़े भाई पंजाब के किसानों के साथ खड़े हैं। इस मौके पर डॉ. जगदीश मान, देवेंद्र मलिक, अजित दहिया, सतीश मलिक व योगेश मौजूद थे।