सोनीपत। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। कुंडली बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। किसानों और सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत में भी कोई हल नहीं निकलने और किसानों के भारत बंद के आह्वान के बाद सिंघु बार्डर की तरफ हलचल तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने सिंघु गांव की तरफ सुरक्षा बढ़ाते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। बड़े पत्थर रखकर बैरिकेड लगाए जा रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर से आगे पुलिस ने सुरक्षा में इजाफा किया है। पत्थर के बैरिकेड के अलावा अब सीमेंट के भारी बैरिकेड भी लगाए जा रहे हैं। किसी भी स्थिति के लिए पुलिस लगातार तैयारी कर रही है तो इधर, किसानों का जमावड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। किसानों को समर्थन देने के लिए सेलिब्रीटिज से लेकर राजनीतिज्ञ तक लगातार पहुंच रहे हैं। आसपास के गांवों से भी लगातार सहयोग जारी है। बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाने से दिल्ली की तरफ से आवागमन भी बेहद मुश्किल हो गया है। सुरक्षा बलों की गतिविधि बढ़ने से राहगीरों को पैदल निकलने में मुश्किल हो रही है।
किसानों के बंद को पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने दिया समर्थन
किसानों ने 8 दिसंबर को देशभर में बंद का आह्वान किया है। अब इस लड़ाई में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने भी समर्थन दे दिया है। हरियाणा की पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन ने रविवार को कुंडली पहुंचकर किसानों के पक्ष में प्रदर्शन किया। सोनीपत एसोसिएशन के प्रधान परविंद्र खत्री के अलावा युद्धवीर रापडिया, राजकुमार कटारिया, विनोद गुलिया, धीरज, सुरेंद्र संधु आदि ने बताया कि वह किसानों की लड़ाई में उनके साथ हैं और एक दिन प्रदेशभर के पेट्रोल पंप बंद रखकर सरकार को चेताने का काम करेंगे। प्रविंद्र खत्री ने कहा कि सरकार को चाहिए कि किसानों से बातचीत कर जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
केंद्र सरकार का पुतला जलाया, दिल्ली की तरफ स्लोगन लिखी तख्तियां लहराई
कुंडली बॉर्डर पर किसान अलग-अलग तरीके से विरोध जता रहे हैं। पांचवें दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलने के चलते युवा किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। शनिवार को युवाओं ने अपने ही अंदाज में विरोध जताया। युवा किसान तख्तियों पर स्लोगन लिखकर सिंघु बॉर्डर पर बीचोंबीच पर खड़े मिट्टी से भरे डंपर पर खड़े हुए और तख्तियों को दिल्ली की ओर लहराकर नारेबाजी की। युवा किसानों ने बताया कि वह केंद्र सरकार को चेताना चाहते हैं कि यहां से नहीं हटने वाले, जब तक कि कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे। वह यहां पर शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे। वहीं, दूसरी ओर कुछ किसानों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट करने के लिए सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाली। इसके बाद दिल्ली की सीमा की तरफ ले जाकर पुतले को जलाकर अपना रोष जताया।
एक्स के चिकित्सकों की टीम ने जांचा स्वास्थ्य
बुजुर्ग किसानों के स्वास्थ्य की जांच के लिए अब सोनीपत के अलावा दिल्ली एम्स की टीम भी पहुंचना शुरू हो गई है। रविवार को एम्स से पहुंची युवा चिकित्सकों की टीम ने किसानों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें बुखार या अन्य दिक्कत होने पर एहतियात बरतने की सलाह भी दी। साथ ही किसानों को दवाईयां भी उपलब्ध करवाई गई। वहीं आसपास के गांवों से खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। पंजाब से भी राशन भेजा जा रहा है। साथ ही किसानों को सर्दी से बचाने के लिए कंबल भी बांटे गए।
जाम के कारण सफियाबाद जाने वाला रूट डायवर्ट
किसानों के कुंडली बॉर्डर धरने के कारण नेशनल हाईवे-44 पर जाम को लेकर पुलिस वाहन चालकों को लगातार सलाह जारी कर रही है। वहीं सफियाबाद के पास जाम लगने के कारण बाराटो से रूट को डायवर्ट किया गया। पुलिस ने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व चंडीगढ़ से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली व गुरुग्राम जाने के लिए पानीपत से एनएच-71ए से होते हुए गोहाना, रोहतक, सांपला से आसौदा होकर केएमपी पर जाने को कहा है। हल्के वाहन बीसवां मील से आगे केएमपी का प्रयोग करते हुए बादली, फरूखनगर व मानेसर के रास्ते का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा केजीपी का प्रयोग करते हुए बागपत, खेकड़ा तथा गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली जाया जा सकता है।
विधायक नीरज शर्मा ने चढूनी से की मुलाकात
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग कर रहे किसानों से के बीच एनआईटी फरीदाबाद के विधायक नीरज शर्मा भी पहुंचे और अपना समर्थन दिया। उन्होंने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से सभी किसानों को दिक्कत होगी। वास्तविकता यह है कि बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश जैसे अन्य इलाकों के किसान भी लगातार दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का यह आंदोलन लगातार आम जनमानस में अपनी पकड़ बना रहा है और देशभर के स्वयंसेवी संगठन व संस्थाएं इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रही हैं।