सोनीपत। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान शनिवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम करेंगे। ऐसे धीरे-धीरे दिल्ली को पूरी तरह सील करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिम्मेदारी भी लगा दी गई है। यह किस-किस जगह से जाम होगा, यह उसी समय पता लगेगा। इनके साथ ही देशभर में टोल प्लाजा फ्री किए जाएंगे। भाकियू नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने यह साफ कर दिया कि अभी केवल दो दिन के आंदोलन की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा कोई कुछ कहता है तो वह उनके संगठन का फैसला होगा।
बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि अभी तक 14 दिसंबर को धरना-प्रदर्शन करके डीसी को ज्ञापन देने की बात कही गई थी। लेकिन अब उसी दिन किसान भाजपा के विधायक, मंत्रियों, सांसदों के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे और वहां धरना भी दिया जाएगा। इसके साथ-साथ निजी कंपनी के टावर और मार्ट के बाहर भी 14 दिसंबर को प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों में किसी तरह का भी मतभेद नहीं है, बल्कि सभी जत्थे साथ हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर राजनीतिक है और यह केवल किसानों का आंदोलन है। इसमें किसी को कोई राजनीति करने के लिए मंच नहीं दिया जाएगा। बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि आंदोलन की रूपरेखा बनाकर हर जगह संदेश भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां तक बातचीत का सवाल है, किसानों ने रास्ता बंद नहीं किया है। बल्कि सरकार ने बातचीत का रास्ता बंद किया है। अगर सरकार बुलाएगी तो वह बातचीत के लिए जाएंगे। लेकिन वह कृषि कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।
माओवादी या अन्य किसी संगठन से किसानों का कोई मतलब नहीं
किसानों के आंदोलन में माओवादी की घुसपैठ की बात सामने आने पर बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि माओवादी या अन्य किसी संगठन के साथ किसानों का कोई मतलब नहीं है। इस तरह की गड़बड़ी या पर्चे जो लोग लगा रहे हैं, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए। क्योंकि यह केवल किसानों का आंदोलन है और इसमें इस तरह की गतिविधि करने वाले शरारती तत्व हो सकते हैं।