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किसानों ने 14 स्थानों पर नेशनल और स्टेट हाईवे किए जाम

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जीटी रोड पर केएमपी-केजीपी जीरो प्वाइंट पर जाम लगाकर बैठे किसान। - फोटो : Sonipat
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माई सिटी रिपोर्टर
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सोनीपत। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने शनिवार दोपहर को नेशनल हाईवे-44, केजीपी और केएमपी समेत 14 स्थानों पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी करने के साथ ही हाईवे पर बैठकर धरना दिया। इससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई और चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलन के दौरान सरकार और कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कानून वापस होने तक आंदोलन लगातार जारी रखने की घोषणा की। चक्का जाम के चलते हाईवे पर जगह-जगह पुलिस और पैरामिलट्री फोर्स बल तैनात रहे। तीन घंटे के चक्का जाम के बाद तीन बजे अपने वाहनों के हार्न बजाकर किसानों ने जाम खोल दिया। इस दौरान पुलिस बल भी चौकस रहा। पुलिस ने करीब 30 स्थानों पर नाके लगाकर वाहनों को डायवर्ट किया।
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कृषि कानून वापस लेने की मांग के चलते आंदोलन में शनिवार को चक्का जाम की घोषणा की गई थी। पूर्व घोषित अभियान के तहत आंदोलन करने वालों का सुबह से ही हाईवे पर जमावड़ा हो गया था। गोहाना में 6 स्थानों पर जाम लगाया गया। वहीं जीटी रोड पर कुंडली बार्डर पर पहले से ही जाम लगा है। उसके अलावा 4 अन्य स्थानों पर जाम लगाया गया। जीटी रोड पर राई में दो जगह, केजीपी व केएमपी के जीरो प्वाइंट पर जाम लगाने के अलावा मुरथल के पास जाम लगाया गया। खरखौदा में दिल्ली बाईपास व सिसाना के पास जाम लगाया गया। पुलिस बल भी चक्का जाम के चलते सतर्क रहा। जिले में 30 से ज्यादा स्थानों पर नाकाबंदी कर वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया। चक्का जाम के दौरान आंदोलन का प्रतिनिधित्व कर रहे लोग शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते रहे। चक्का जाम के चलते 12 से 3 बजे तक आंदोलनकारी विभिन्न हाईवे पर जमे रहे। उसके बाद वह कुंडली क्षेत्र में धरनास्थल पर लौट गए। चक्का जाम में भारतीय किसान पंचायत, अखिल भारतीय किसान सभा, इंडियन एसोसिएशन आफ लायर, आशा वर्कर्स यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीटू के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बड़वासनी बारह खाप व 360 सोनीपत सर्व खाप के नेतृत्व में बड़वासनी के जाम लगाया गया।
गोहाना रोड को किसानों ने तीन घंटे रखा जाम
भारतीय किसान यूनियन के अलावा अन्य कई संगठनों से संबंधित किसानों ने गोहाना रोड पर हुल्लाहेड़ी मोड़ के पास चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के दौरान गोहाना रोड से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर वाहन चालक जहां यू टर्न लेकर लौटने पर मजबूर हो गए, वहीं, बाइक सवार खेतों से रास्ता बनाकर निकलने की मशक्कत करते नजर आए। बड़वासनी बारह खाप व 360 सोनीपत सर्व खाप के नेतृत्व में यह जाम लगाया गया। चक्का जाम में भारतीय किसान पंचायत, अखिल भारतीय किसान सभा, इंडियन ऐसोसिएशन ऑफ लॉयर, आशा वर्कर्स यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीटू के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
खरखौदा में सिसाना व दिल्ली बाईपास पर लगाया जाम
खरखौदा में सबसे पहले किसान दिल्ली बाईपास पर पहुंचे और जहां पर ट्रैक्टर-ट्रालियों को खड़ा कर जाम लगा दिया। वहां किसानों ने धरना भी दिया। किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ के अलावा कांग्रेस विधायक जयबीर खरखौदा भी यहां पहुंचे और किसानों को संबोधित किया। इसके अलावा सिसाना में किसानों ने अवरोध व ट्रैक्टर अड़ाकर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहन चालक परेशान रहे।
सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, तीन कृषि कानून रद्द करने की रखी मांग
गोहाना रोड पर चक्का जाम करके बैठे किसान व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा तीनों कृषि कानूनों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग की। खाप प्रतिनिधि राजेंद्र ने बताया कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में नहीं हैं। लंबे समय से कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। परंतु अब तक सरकार ने किसानों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया है। श्रद्धानंद सोलंकी ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चक्का जाम किया गया है। तीन घंटे तक चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्वक तरीके से किया गया है। इस दौरान छतर सिंह, नरेन्द्र, जोगेन्द्र, शीलकराम मलिक, आनंद शर्मा, ब्रहमप्रकाश दहिया, भगत सिंह, अनिता, रोशनी, नाहर सिंह सहित बड़ी संख्या में विभिन्न गांवों के किसान मौजूद थे।
चक्का जाम के चलते दिनभर लोगों ने झेली आफत
कृषि कानून के विरोध में चक्का जाम के चलते शनिवार को लोगों का सफर आफत बन गया। स्टेट और नेशनल हाईवे पर जाम के चलते लोगों को कई किमी का चक्कर काटकर गांवों और संपर्क मार्गों से होकर निकलना पड़ा। इसके साथ ही दोपहर में हाईवे पर वाहनों की कई किमी लंबी कतार लग गई। चक्का जाम तीन घंटे का रखा गया था, लेकिन परेशानी काफी देर तक रही। चक्का जाम की पूर्व घोषणा होने के चलते कई लोगों ने अपना बाहर जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। पुलिस ने मुरथल, बहालगढ़ और खरखौदा से रूट डायवर्ट किया था। वाहनों को बहालगढ़ से उत्तर प्रदेश की ओर डायवर्ट कर बागपत होकर गाजियाबाद-नोएडा को निकाला गया। वहीं गन्नौर और गोहाना से वाहनों का मार्ग बदलवा दिया गया। जाम खत्म हो जाने के बावजूद पुलिस ने घंटों तक सुरक्षा कारणों से वाहनों को मुख्य मार्ग पर आगे नहीं बढ़ने दिया। वहीं गांवों और संपर्क मार्गों से होकर वाहनों के निकलने से लंबा जाम लग गया। अधिकारियों ने लोगों को चक्का जाम के चलते घरों से बाहर न निकलने की अपील की थी। उससे वाहनों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही।
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सोनीपत में यहां लगाया जाम
- केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट के पास।
- नेशनल हाईवे-44 पर राई गांव के पास।
- नेशनल हाईवे-44 पर मुरथल स्थित शिवा ढाबे के पास।
- गांव रोहट नहर के पास।
- गांव बड़वासनी के पास।
- लाठ जौली चौक के पास।
- खरखौदा में दिल्ली बाईपास पर जाम लगाया।
- खरखौदा के सिसाना गांव के पास जाम लगाया गया।
- सैनीपुरा गोहाना।
- मुंडलाना बस अड्डा के पास।
- भैंसवान चौक।
- मदीना गांव की प्याऊ के पास।
- बुटाना गांव में हनुमान मंदिर के पास।
- गांव नूरनखेड़ा के पास।
एनएसजी जवान के साथ हुई किसानों की बहस
केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट पर जाम लगाए बैठे किसान वहां पहुंचे एनएसजी जवान से भिड़ गए। किसानों ने जवान की गाड़ी रोकी तो जवान ने बताया कि वह स्पेशल ड्यूटी पर जा रहा है। इस पर भी किसान नहीं माने और गाड़ी को नहीं जाने दिया। देखते ही वहां पर काफी किसान जुट गए और जवान को गाड़ी वापस ले जाने को कहा। जवान ने बताया कि वह समय पर नहीं पहुंचा तो काफी दिक्कत हो जाएगी। काफी बहस के बाद किसान उसकी गाड़ी को निकालने के लिए राजी हुए। उसके बाद जवान आगे जा सका।
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