विदेश से आने के बाद कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर पहुंची युवतियां।
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को धरना दे रहे किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। विदेशों में रह रहे किसानों के रिश्तेदार भी अब पंजाब आने के बाद कुंडली बॉर्डर धरने पर उनसे मिलने पहुंचने लगे हैं। सोमवार को कनाडा से आई युवतियां अपने परिजनों से मिलने पहुंची। इसके साथ ही बॉर्डर पर सिखों के साहित्य की पुस्तक भी निशुल्क वितरित की जा रही है।
कनाड़ा से पहुंची युवती जसलीन कौर ने बताया कि उनके परिजन यहां लगातार बारिश व ठंड के बीच डटे हुए हैं। उन्हें अपने परिजनों की चिंता हो रही थी। जिसके चलते वह यहां पहुंच गए। विदेशों से यहां पहुंचे किसानों के परिजनों न केवल किसानों को कई जरूरी सामान उपलब्ध करवाए बल्कि लंगर में सेवा भी की। कई विदेशियों ने अब यहीं अपने परिजनों के साथ डटे रहने का निर्णय लिया है। उधर, किसानों को जागरूक व प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग तरीके धरनास्थल पर अपनाए जा रहे हैं। सिखों पर मुगलों के अत्याचार व सिखों द्वारा मुगलों को नाकों चने चबवाने की घटनाओं को दर्शाती प्रदर्शनी यहां लगाई गई हैं। विशाल प्रतिमाओं व घटनाक्रमों को दर्शाते प्रतीकों के जरिए किसानों को जागरूक किया गया और सिखों की बहादुरी के इतिहास के बारे में जानकारी दी गई।
अलग-अलग कलाकृतियां बना रही टीम
पंजाब से कला विशेषज्ञों की पूरी टीम कुंडली बॉर्डर धरने पर आई है। कलाकारों में शामिल चरणजीत सिंह ने बताया कि उनकी टीम के सभी सदस्य धरनास्थल की अलग-अलग साइटों पर कई तरह की कलाकृतियां बना रहे हैं। उनका उद्देश्य सिखों के महान शहीदों व बहादुरों की बहादुरी के बारे में सिख युवाओं को जानकारी देना है। उनकी टीम के सभी सदस्य किसानों के समर्थन में ये सुविधाएं निशुल्क दे रहे हैं। जिससे उनमें हौसला बढ़ाया जा सके।
धरने पर अस्पताल में पहुंच रहे मरीज
धरनास्थल पर आठ बेड का अस्पताल शुरू होने के बाद से धरने पर बीमार होने वाले ज्यादातर मरीजों की ईलाज वहीं पर किया जा रहा है। इसके बाद से बाहर के अस्पतालों में पहुंचने वाले किसानों की संख्या कम हो गई है। 3 दिनों में रोजाना दर्जनभर किसानों को ही गंभीर रूप से बीमार होने के कारण बाहर के अस्पतालों में दाखिल करवाया गया है, जबकि मामूली बीमारी या चोट का ईलाज मौके पर ही किया जा रहा है। किसानों को बेहतर उपचार देने के लिए अस्पताल चलाया जा रहा है।