कुंडली बार्डर पर किसानों के समर्थन में अवार्ड वापस करने की घोषणा करते अर्जुन अवार्डी संजय पहलवा?
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खरखौदा। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग कर रहे किसानों के समर्थन में अर्जुन अवॉर्डी पहलवान संजय, भीम सिंह, राजकुमार सांगवान ने भी अवॉर्ड वापसी की चेतावनी दी है। दस वर्ष तक हिंद केसरी रहे व अर्जुन अवॉर्ड और भीम पुरस्कार से सम्मानित मटिंडू निवासी संजय पहलवान ने सरकार से किसानों की मांगें मानने को कहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो वह अपने अवॉर्ड वापस कर देंगे। साथ ही कई अन्य साथी भी अवॉर्ड लौटाएंगे।
संजय पहलवान ने 10 वर्ष तक हिंद केसरी रहते हुए वर्ष 1996 में भीम पुरस्कार व 1997 में अर्जन पुरस्कार पाया था। अब उन्होंने कुंडली बॉर्डर पर जाकर किसानों को समर्थन देते हुए उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर अवार्ड वापसी की बात कही है। संजय पहलवान का कहना है कि उनके साथ हरियाणा अर्जुन अवॉर्ड एसोसिएशन के प्रधान व प्रदेश के पहले अर्जुन अवॉर्डी भिवानी के गांव धनाना निवासी भीम सिंह और एसोसिएशन सचिव चरखी दादरी के गांव फतेहगढ़ निवासी अर्जुन अवॉर्डी राजकुमार सांगवान ने भी किसानों को समर्थन देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर अपने अवॉर्ड वापस करने की बात कही है। तीनों बुधवार को कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे और किसानों के मंच से उन्होंने किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को मानना चाहिए, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह अपने अवॉर्ड वापस करेंगे।