गोहाना। कृषि विभाग फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक को बढ़ावा दे रहा है। पिछले वर्षों में खरपतवार की समस्या से डीएसआर का रकबा नहीं बढ़ पा रहा था पर इस वर्ष प्रभावी खरपतवारनाशक दवाओं से समस्या नियंत्रित हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार, गोहाना तहसील में इस वर्ष डीएसआर का लक्ष्य 8 हजार एकड़ था। इसके मुकाबले 8,365 किसानों ने 44,440 एकड़ भूमि का पंजीकरण कराया है, जो किसानों की बढ़ती रुचि दर्शाता है।
प्रोत्साहन और सत्यापन
पंजीकृत खेतों के सत्यापन के लिए कृषि विभाग ने निरीक्षण समितियां बनाई हैं। प्रत्येक समिति में कृषि विभाग का अधिकारी या कर्मचारी, पटवारी या नंबरदार और एक किसान शामिल हैं। विभाग ने किसानों से समय पर खेतों का निरीक्षण करवाने की अपील की है, ताकि उन्हें 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि मिल सके। जिन किसानों ने 5 एकड़ या अधिक क्षेत्र में डीएसआर किया है उनके खेतों का फिक सत्यापन होगा।
डीएसआर के लाभ
कृषि विभाग का कहना है कि डीएसआर तकनीक से पानी की बचत होती है। इससे कृषि मजदूरों पर निर्भरता कम होती है, पौधों में हवा का संचार बेहतर होने से रोग और कीटों का प्रकोप घटता है। साथ ही खेती की लागत भी कम आती है।