फोटो : सोनीपत लघु सचिवालय के गेट पर धरने पर बैठे किसान नारेबाजी करते हुए। संवाद
सोनीपत। प्रदेश सरकार की ओर से फसल खरीद के लिए बनाए गए नियमों के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने वीरवार को छोटूराम धर्मशाला से लेकर लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला और लघु सचिवालय के गेट पर धरना दिया। धरने पर पहुंचीं उपायुक्त नेहा सिंह को किसानों ने मांगपत्र सौंपा। किसानों ने नियम को जल्द वापस लेने की मांग भी की।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले किसानों ने धना दिया। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ का आरोप है कि फसल बेचने के लिए लागू किया गया नया नियम किसान विरोधी है। उनका कहना है कि नए प्रावधानों के तहत किसान की फसल बिकने में लगभग तीन महीने का समय लग जाएगा जबकि गेहूं की फसल का पूरा सीजन ही लगभग 15 से 20 दिन का होता है। ऐसे में किसानों के लिए समय पर फसल बेचना मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने बताया कि नए नियम के तहत पहले पंचिंग, फिर फोटो खींचने की प्रक्रिया होगी जिसमें एक पास बनने में लगभग 10 मिनट का समय लगेगा। इस व्यवस्था में एक दिन में करीब 170 पास ही बन पाएंगे जिससे कतार लगने और देरी होना तय है।
किसानों का कहना है कि इस नियम को धरातल पर लागू करना और इसके अनुसार काम करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार से मांग की कि इस नए नियम को जल्द वापस लिया जाए। यह नियम घोटाले रोकने के नाम पर नहीं बल्कि किसानों को परेशान करने के लिए बनाया गया है। किसानों ने सुझाव दिया कि सख्ती मंडियों के गेट पास पर नहीं बल्कि राज्य की सीमाओं पर बढ़ाई जानी चाहिए।
किसानों ने एक समाज पर टिप्पणी करने के मामले में बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता गीतूराम तंवर के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इस दौरान जिला प्रधान बेदी दहिया, जिला उपाध्यक्ष समुंदर तोमर, सुनील मलिक, अमित मलिक, राज सिंह हुड्डा, जिला महासचिव हंसबीर खरब, प्रदेश सचिव वीरेंद्र शामड़ी, रामनिवास निजामपुर, शमशेर घनघस, राजेंद्र कोहला, गोहाना ब्लॉक प्रधान राजबीर माजरा, रविंद्र लाकड़ा भी मौजूद रहे।