सोनीपत/गन्नौर। सरसों लेकर गन्नौर अनाज मंडी में पहुंचे किसानों को उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब शनिवार दोपहर तक खरीद शुरू नहीं हुई। सरसों की खरीद न होने की सूचना मिलते हुए किसान नेता वीरेंद्र पहल मंडी पहुंचे और हैफेड व मार्केट कमेटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद अधिकारी कार्यालय से बाहर आए और सरसों के नमूने लेने शुरू किए। इसके बाद शाम तक 1111 क्विंटल सरसों की खरीद की। वहीं सोनीपत अनाज मंडी में 650, गोहाना में 630 और खरखौदा अनाज मंडी में 350 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।
किसान पटवारी, सुनील, जयदीप व प्रवीण ने बताया कि वह शनिवार सुबह अपनी सरसों की फसल लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन दोपहर तक भी उनकी किसी ने सुध नहीं ली। उन्हें मजबूरी में गर्मी में शेड के नीचे बैठने को मजबूर होना पड़ा। उनका कहना है कि उनके लिए न तो बैठने की जगह है और न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था है। मंडी में वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन उसमें पीने का पानी नहीं है। किसान नेता विरेन्द्र पहल ने कहा कि सरकार व अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। अगर सरकार किसानों की फसल नहीं खरीद करेगी तो वह मंडी में धरना देने को मजबूर होंगे। हैफेड कर्मचारी ने बताया कि उठान नहीं होने के कारण खरीद लेट शुरू हुई है। किसानों ने बताया कि हैफेड ने जिस ठेकेदार को टेंडर दिया है उसके पास मजदूर नहीं है। इसके चलते फसल खरीद में देरी हो रही है।
मैं अपनी सरसों की फसल लेकर सुबह ही मंडी पहुंच गया था, लेकिन दोपहर तक खरीद नहीं हुई। मंडी में न बैठने की व्यवस्था और न ही पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। जिससे किसानों को परेशानी हो रही है।
पटवारी निवासी गांव घसौली
शनिवार सुबह मंडी के लिए जल्दी घर से निकले थे कि जल्दी फसल बिक जाएगी। मंडी में सरसों की खरीद करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आया। जिसकी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयदीप निवासी गांव उदेशीपुर
नियम अनुसार 24 घंटे में फसल का उठान होना अनिवार्य है। सीडब्ल्यूसी के गोदाम में फसल जानी है और उनका अभी तक कोई आईडी नहीं बनी। इस वजह से गन्नौर मंडी में फसल उठान में देरी हो रही है।
उमाकांत शर्मा, जिला प्रबंधक, हैफेड