प्रदेश में लंबित भूमि अधिग्रहण के विवादित मामलों को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। संघ ने कहा है कि अगर विवादित मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशस्तर पर आंदोलन शुरू कर किया जाएगा। इसलिए यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समय रहते इन मामलों का अध्ययन करके इन्हें हल कराए। यह किसान की अस्मिता का सवाल है। यह फैसला सोनीपत के मुरथल में दो दिन तक चली संघ की बैठक में लिया गया। संघ ने अधिग्रहण के साथ ही बीटी सरसों और कॉटन के बीज को लेकर भी सरकार से कहा कि ये दोनों बीज प्रतिबंधित किए जाएं। ताकि फिर से किसान खुशहाल हो सके। संघ का कहना है कि जब से बीटी कॉटन की खेती किसान ने शुरू की है, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का कपास उत्पादक किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहा है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि इस दिशा में सरकार सकारात्मक कदम उठाए। संघ के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. मोहिनी मोहन मिश्र ने इस बैठक में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की।
डॉ. मिश्र ने कहा कि बीटी कॉटन के बाद अब बीटी सरसों का बीज इजाद किया गया है। यह बीज किसान के पास पहुंचा तो सरसों की बर्बादी तय है। डॉ. मिश्र ने कहा कि यह बीज जहरीला और नपुंसकता पैदा करने वाला है। ऐसे में केंद्र तथा प्रदेश सरकार को इस बीज पर तत्काल रोक लगानी होगी। बैठक में हरियाणा के भूमि अधिग्रहण विवादों पर भी चर्चा हुई। इसमें कहा गया है कि पूर्व की सरकार में जिस तरह से किसान की अनदेखी हुई थी, वह दोबारा नहीं होनी चाहिए। यह किसान की अस्मिता और उसकी आजीविका का सवाल है। ऐसे में प्रदेश सरकार अविलंब किसानों के मुद्दों पर सर्वभौम हल निकाले। ताकि किसान की जमीन भी बच जाए और इससे सरकार को भी किसी तरह की परेशानी ना हो। अगर ऐसा नहीं होता है, तो किसान संघ प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेडने पर मजबूर होगा। बैठक में जैवित खेती पर भी जोर देने की बात उठी ताकि किसान तरक्की की राह पकड़ सके। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ओमसिंह चौहान, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा, झज्जर से मंजीत फौगाट, कैथल से रणदीप आर्य, जींद से सुनील चहल, सुरेंद्र संधु करनाल से, अंबाला से सरदार राजेंद्र सिंह, रामवीर गुनहेड़ी, ताहर सिंह, भारत भूषण आदि मौजूद रहे।
ओम सिंह चौहान को बनाया दोबारा प्रधान
बैठक के अंतिम सत्र में किसान संघ की प्रदेश कार्यकारिणी का 3 वर्ष के लि चुनाव हुआ। इसमें फिर से मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष ओम सिंह चौहान को कमान दे दी गई। जबकि महामंत्री के लिए वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा को दोबारा मौका दिया गया। रामकिशन महलावत को प्रदेश का मंत्री तथा यमुनानगर के विकास राणा को युवा इकाई का प्रदेशाध्यक्ष चुना गया है। इसके साथ ही कार्यकारिणी के लिए 21 सदस्यों का चयन किया गया।