संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के बैनर तले शहर में मार्च निकाला और लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर दो घंटे तक धरना दिया। इसकी अध्यक्षता जिला संयोजक इंद्रजीत राणा ने की जबकि संचालन युवा जिला प्रधान प्रवीण दहिया ने किया।
किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन एडीसी अजय चोपड़ा को सौंपा। जिला प्रधान बेदी दहिया ने कहा कि किसानों को उचित मुआवजा दिए बिना खेतों में खंभे नहीं गाड़ने दिए जाएंगे। यदि प्रशासन ने जबरदस्ती करने का प्रयास किया तो किसान उसका जोरदार विरोध करेंगे।
जिला संयोजक इंद्रजीत राणा ने कहा कि यदि सरकार किसानों के साथ तानाशाही करेगी तो सरकारी मशीनरी को किसानों की लाशों के ऊपर से गुजरना पड़ेगा, अन्यथा खेतों में कंपनी के कर्मचारियों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि 30 जनवरी को सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइन के मुआवजे के लिए पारदर्शी नियम बनाए थे। 29 अप्रैल को जारी नए गैजेट नोटिफिकेशन में मार्केट वैल्यू तय करने के लिए लॉटरी व्यवस्था लागू कर दी गई जो किसानों के हित में नहीं है। किसानों का आरोप है कि इससे पीड़ित किसानों के वैल्यूएटर की अहमियत खत्म हो जाएगी।
इसी व्यवस्था के विरोध में 10 जून को रोहतक जिला मुख्यालय पर प्रदेशव्यापी धरना दिया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से हजारों किसान शामिल होंगे। इस दौरान युवा प्रधान प्रवीण दहिया, प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान, पानीपत जिला प्रधान शमशेर पुनिया, बिजेंद्र दहिया, रामकरण शर्मा, गोहाना ब्लॉक प्रधान राजबीर माजरा, मोनू कादयान, चांद जाजी, संदीप ककरोई युद्धवीर मोहाना भी मौजूद रहे।