सोनीपत/गोहाना। गांव अहमदपुर माजरा में शुक्रवार को एक किसान ने आत्महत्या कर ली। वजह कर्ज का बोझ और उसे उतारने के लिए गिरवी रखी जमीन वापस नहीं मिलना है। पुलिस ने किसाने के बेटे की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मोहित शर्मा ने बताया कि परिवार दो एकड़ जमीन पर खेती करता था। उनके पिता राजेश शर्मा ने कुछ वक्त पहले कर्ज लिया था। कर्ज देने वालों ने दबाव बनाया तो उसे चुकाने के लिए सालभर पहले एक एकड़ जमीन गिरवी रख दी। गिरवी जमीन के बदले फाइनेंस गंगाना निवासी कुलदीप और टेहा निवासी आशीष से 16 लाख रुपये ब्याज पर लिए गए थे।
कुछ दिन बाद ही इनमें से 5 लाख रुपये लौटा दिए गए। तय समय पूरा होने पर जब पिता ब्याज पर ली रकम लौटाने पहुंचे तो लेनदार टालमटोल करते रहे। मोहित का आरोप है कि कुलदीप और आशीष ने उसके पिता राजेश को शराब पिलाकर जमीन बेचने के लिए दबाव बना रहे थे।
मोहित की माने तो 5 लाख रुपये लौटा देने के बाद कायदे से 11 लाख रुपये का ब्याज लगना चाहिए था लेकिन फाइनेंसरों ने अपनी मनमानी करते हुए 16 लाख रुपये का हिसाब करने की बात कही। इसके बाद उनसे कहा गया कि जिस तरह वह 16 लाख का ब्याज वसूल रहे हैं इस हिसाब से उनके भी 5 लाख रुपये का ब्याज लगाकर करीब 13.75 लाख रुपये बनते हैं।
आरोपियों को राजेश शर्मा की तरफ से गिरवी रखी जमीन अपनी बेटी के नाम कराने पर ही पैसे लौटाने की बात कही। इसके लिए वो बार-बार समय देते रहे। एक ओर यह मामला लंबा खिंच रहा था तो दूसरी ओर कर्ज बकाया होने के बावजूद उनके गांव के इंद्र और ईश्वर को जमीन बेच दी गई।
दो साल में परिवार में हुई तीसरी मौत
आरोपियों की तरफ से बार-बार जमीन खाली करने का दबाव बनाने पर राजेश ने खेत में जाकर आत्महत्या कर ली। मोहित ने बताया कि पिता पास ही स्थित दूसरे मकान में सोते थे। सुबह उठकर वह खेतों की तरफ चले गए। बाद में करीब 10 बजे किसी ने गांव में आकर उनके कमरे के बरामदे में रस्सी से फंदा लगा लेने की सूचना दी। मोहित ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके ताऊ के लड़के अरुण की तो अभी कुछ महीने पहले ताऊ मनोज शर्मा की भी मौत हो चुकी है।