सोनीपत। गांव ककरोई में खेतों में लगी आग बुझाकर गेहूं की फसल बचाने की कोशिश किसान के लिए जानलेवा साबित हुई। फांस में लगी आग जब फसल की तरफ बढ़ी तो उमेद सिंह (65) उसे बुझाने के लिए खेत में उतर गए। हवा तेज होने की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया। उसकी चपेट में आने से उमेद सिंह की जलकर मौत हो गई।
गांव ककरोई निवासी उमेद सिंह बुधवार को अपने खेतों की तरफ गए थे। उन्होंने देखा कि उनके खेत के पास फांस में आग लगी है। आग गेहूं की फसल की तरफ बढ़ रही थी। उन्होंने उसको बुझाने का प्रयास किया लेकिन हवा तेज होने के चलते आग बढ़ती गई।
आसपास के किसान भी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक उमेद सिंह आग के बीच फंस चुके थे। आग की चपेट में आने से उमदे सिंह जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की पर तब तक देर हो चुकी थी। बाद में खरखौदा से पहुंची अग्निशमन विभाग की गाड़ी ने आग बुझाई।
दो बेटियों के पिता थे उमेद सिंह
ग्रामीणों ने बताया कि उमेद सिंह दो बेटियों के पिता थे। दोनों की शादी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया।
अग्निशमन विभाग की गाड़ी रास्ते में फंसी
आग की सूचना के बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी सेक्टर-23 से गांव ककरोई के निकली थी। अग्निशमन अधिकारी रामेश्वर सिंह ने बताया कि सेक्टर-23 से गई गाड़ी खेतों में कच्चे रास्ते में फंस गई। गाड़ी नहीं पहुंच सकी तो खरखौदा से अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भेजा गया। इसके बाद आग बुझाई जा सकी। आग से करीब 11 एकड़ में फांस जल गए।
खेत में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास में गई जान
गांव के सरपंच कर्मबीर ने बताया कि वह बुधवार को गांव से बाहर गए थे। जब वह गांव में पहुंचे तो हादसे का पता लगा। किसान के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
वर्जन
गांव ककरोई में किसान की खेत में जलने से मौत की सूचना नहीं मिली है। परिजन या पुलिस कंट्रोल रूम से भी कोई जानकारी नहीं आई।
इंस्पेक्टर अशोक, थाना प्रभारी सदर सोनीपत