राई (सोनीपत)। बहालगढ़ थाना में दर्ज मुकदमे में जांच अधिकारी ने नाबालिग के परिजनों से लेकर उसका जन्म प्रमाण अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने जांच कराई तो वह फर्जी निकला। अब कोर्ट ने नाबालिग के माता-पिता के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही मामले के जांच अधिकारी की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
बहालगढ़ थाना में नाबालिग के परिजनों ने दुष्कर्म होने की शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें नाबालिग का एक जन्म प्रमाण पत्र भी पुलिस को सौंपा गया था। उसमें पीडि़ता का आयु 12 वर्ष बताई गई थी। जिसमें थाने से जांच अधिकारी जन्म प्रमाण की जांच के लिए बिहार गया था। जहां उसने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि पीड़िता के जन्म संबंधी कोई अन्य रिकॉर्ड नहीं मिला। उसने पीड़िता के माता-पिता की तरफ से दिया गया जन्म प्रमाण पत्र अदालत में दे दिया। इस बीच अदालत के पास एक कूरियर आया। जिसमें बिहार के जिला के विकास अधिकारी ने लिखा कि उनके जिले में न तो इस नाम की कोई तहसील है और न ही कोई गांव है। जन्म प्रमाण पत्र फर्जी बनाया गया है। कूरियर प्राप्त होने के बाद अदालत ने सख्ती करते करते हुए कोर्ट की तरफ से नाबालिग के माता-पिता के खिलाफ धोखाधड़ी व कोर्ट को गुमराह करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके साथ ही इस मामले में जांच अधिकारी पर भी लापरवाही से काम करने के आरोप लगे हैं। अदालत ने पुलिस विभाग से जांच अधिकारी की विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं।