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Sonipat News: 100 में ही खुल गई नियमों की पोल, अब औद्योगिक सेक्टरों की 3017 फैक्टरियों की होगी जांच

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फोटो-56: बहादुरगढ़ में एक फैक्टरी की जांच करते एचएसआईआईडीसी के अधिकारी। संवाद - फोटो : samvad
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बहादुरगढ़। हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के औद्योगिक क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर चल रही औद्योगिक इकाइयों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बहादुरगढ़ में एचएसआईआईडीसी के अधीन आने वाली सभी 3017 फैक्ट्रियों की प्लॉटवार जांच होगी।
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जांच का अभियान शुरू हो चुका है और अब तक करीब 100 फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया जा चुका है। प्रारंभिक जांच में अधिकांश इकाइयों में जोनिंग से जुड़े उल्लंघन सामने आने की बात सामने आई है। जिन फैक्ट्रियों में नियमों के विपरीत जोनिंग, भूखंड का दुरुपयोग, अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण मिला, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद जवाब, सुनवाई और मौके पर सत्यापन के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एचएसआईआईडीसी मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों के बाद बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में संयुक्त निरीक्षण दल ने जांच शुरू की है। छह सप्ताह के भीतर व्यापक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत एक-एक औद्योगिक भूखंड का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा और मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का मिलान आवंटन तथा स्वीकृत उपयोग से किया जाएगा। इस बारे में बहादुरगढ़ के सभी औद्योगिक एसोसिएशनों को भी पत्र लिखकर सहयोग मांगा है।
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जांच में केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित रहने के बजाय मौके की स्थिति भी दर्ज की जा रही है। अधिकारियों की टीम फैक्ट्रियों में जाकर संभावित उल्लंघनों की प्रकृति और उसकी स्थिति दर्ज कर रही है। प्रत्येक मामले में फोटो, मौके के साक्ष्य और संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड में शामिल किए जाएंगे।

इन बिंदुओं पर विशेष नजर

जांच के दौरान औद्योगिक भूखंड के निर्धारित उपयोग के बजाय किसी अन्य कार्य में इस्तेमाल, जोनिंग नियमों का उल्लंघन, अनधिकृत निर्माण, एचएसआईआईडीसी की जमीन या सार्वजनिक क्षेत्र में अतिक्रमण समेत अन्य प्रथम दृष्टया उल्लंघनों की पड़ताल होगी। इससे यह भी सामने आएगा कि कितने भूखंडों पर स्वीकृत गतिविधि के बजाय अलग तरह का उपयोग किया जा रहा है।

चार अधिकारियों की टीम संभाल रही जांच

बहादुरगढ़ के लिए गठित संयुक्त निरीक्षण दल में संपदा शाखा से सहायक प्रबंधक संजय कुमार, अभियंत्रिकी शाखा से एमआईई भाग-एक व दो के लिए सहायक प्रबंधक राजपाल, सेक्टर 16-17, सेक्टर 4बी और पुराने औद्योगिक क्षेत्र के लिए सहायक प्रबंधक संदीप तथा योजना शाखा से ड्राफ्ट्समैन संजय कुमार को शामिल किया गया है। टीम को निर्धारित छह सप्ताह की अवधि में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट देनी है।

नोटिस के बाद होगी कार्रवाई

जांच में प्रथम दृष्टया उल्लंघन मिलने पर संबंधित आवंटी या फैक्टरी संचालक को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। नोटिस में उल्लंघन की स्पष्ट जानकारी देते हुए निर्धारित समय में उसे हटाने या सुधारने के लिए कहा जाएगा। संबंधित पक्ष को जवाब और सुनवाई का अवसर भी दिया जाएगा। यदि फैक्टरी संचालक उल्लंघन हटाने का दावा करता है तो मौके पर सत्यापन किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सक्षम अधिकारी नियमानुसार अंतिम आदेश जारी करेंगे।

औद्योगिक क्षेत्र में शुरू हुई इस व्यापक जांच से उन इकाइयों में खलबली मची हुई है, जहां लंबे समय से नियमों से अलग गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें रही हैं। अब 3017 फैक्ट्रियों की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि औद्योगिक क्षेत्र में कितने भूखंडों पर नियमों का उल्लंघन हो रहा है और कितनों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पड़ेगी।

एचएसआईआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्रों की सभी 3017 फैक्ट्रियों की प्लॉट वार जांच होगी। जांच में जो नियमों के खिलाफ जो भी गतिविधि होगी, उसको लेकर संबंधित प्लॉट मालिक को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। जांच शुरू हो गई है। 6 सप्ताह में यह जांच पूरी करके रिपोर्ट मुख्यालय भी भेजनी है।
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रोहित देशवाल, संपदा प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी, बहादुरगढ़।
फोटो-57:
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