बरोदा निवासी रामकुमार निरंकारी, जिनके मरणोपरांत नेत्रदान किए गए हैं। स्रोत: परिजन
गोहाना। गांव बरोदा निवासी रामकुमार निरंकारी का मरणोपरांत नेत्रदान कराया गया। 79 वर्षीय रामकुमार के परिजनों ने खुद सूचना देकर आहुति संस्था के माध्यम से नेत्रदान प्रक्रिया पूरी करवाई। बता दें कि एक व्यक्ति की आंखों से दो दृष्टिहीन लोगों को नई रोशनी प्राप्त होती है।
नेत्रदान के इस कार्य में रामकुमार की पत्नी संतरो देवी, बेटे रामपाल, बहू नीलम, बेटियों मीना, गीता, सविता, प्रियंका, अनुराधा और दामादों की सहमति रही। पोत-पोतियों हरदीप, रवीना, मनदीप, जगजीत और मीनाक्षी ने भी दादा की स्मृति को सेवा के साथ जोड़ा।
नेत्रदान लेने वाली टीम में शहर के एक नामी आई हॉस्पिटल के आई टेक्नीशियन नरेंद्र लोहमार और वीरेंद्र मोर का योगदान रहा। मध्यस्थ के रूप में मुंशी राम अरोड़ा और बहन जगजीत खासा रहे। आहुति संस्था की तरफ से राजेश चहल, दीपक आहूजा व सोनिया शर्मा ने भी सहयोग किया।