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नए एक्सप्रेस-वे के लिए फिर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश

Wed, 02 Dec 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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दिल्ली से यमुनानगर वाया सोनीपत-पानीपत और करनाल को एक साथ जोड़ने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के पैरलल बनने वाले रास्ते की निर्माण योजना कछुआ गति से चलने लगी है। प्रदेश सरकार के इस अहम प्रोजेक्ट के निर्माण को आई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में कई खामियां निकाली गई। जिस पर चीफ सेक्रेटरी ने एचएसआरडीसी के अधिकारियों को फिर से दोबारा रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए है। जो दिसंबर के अंत से पूरा करने के लिए आदेश दिए गए हैं।  
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बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक-करनाल-इंद्री-यमुनानगर परियोजना की घोषणा दिसंबर-2014 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने एनएच-एक पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए की थी। सरकार के अहम प्रोजेक्ट को लेकर सोनीपत लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा बवाना-सोनीपत-पानीपत-मुनक (करनाल) तक सर्वे किया गया। बाद में एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जिम्मेवारी हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआरडीसी) को सौंपी गई। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर गत 15 अक्टूबर को आई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में कई खामियां देखी गईं। जिस पर चीफ सेक्रेटरी ने एचएसआरडीसी को दोबारा सर्वे कर तैयार करने के लिए आदेश दिए।  

बवाना से मुनक तक पुलों और बाईपास का होगा निर्माण
बताया जा रहा है कि नए एक्सप्रेस वे पर 10 मीटर की तीन सर्विस लेन का निर्माण किया जाना है। सर्वे के मुताबिक बनने वाले नए एक्सप्रेस वे बवाना से मुनक तक छह पुलों का निर्माण किया जा सकता है। जिसके अंतर्गत पानीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-जींद रेलवे लाइन पर दो आरओबी का निर्माण, वहीं निर्माणाधीन कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे और पानीपत-रोहतक रोड पर अंडरब्रिज तथा निर्माणाधीन सोनीपत-गोहाना रेलवे लाइन व पानीपत-रिफाइनरी रेलवे लाइन पर दो आरयूबी बनाए जाएंगे। इसके अलावा जिले के गांव सिटावली, महलाना और बिंदरौली, गढ़ीबाला के पास बाईपास निकाले जा सकते हैं।
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होगा भूमि का अधिग्रहण
अधिकारियों का कहना है कि बवाना से मुनक तक नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। यह निर्माण पश्चिमी यमुना नहर के साथ-साथ होगा। ताकि नहरों के किनारे पक्के रह सके। टूटने का भय न हो, हालांकि नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए नहरी विभाग की जमीन पर पेड़ों को काटा जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां पर किसानों की जमीन भी खरीदी जा सकती है।

निर्धारित तिथि से पांच दिन लेट आई थी पहले रिपोर्ट
नए एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर हुए सर्वे की फिजिबिलिटी रिपोर्ट 10 अक्टूबर को आनी थी। लेकिन कुछ तकनीकी कारणों के चलते यह रिपोर्ट 15 अक्टूबर को एचएसआरडीसी के पास पहुंची। जिसके बाद नए एक्सप्रेस वे के सर्वे की रिपेार्ट की जानकारी लेने हेतु प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने 10 नवंबर को मीटिंग बुलाई गई। जिस पर एचएसआरडीसी ने उस रिपोर्ट में खामियां निकालकर अपना प्रस्ताव रखा और फिर से दोबारा सर्वे कराने क मांग की। जिसके बाद मुख्य सचिव ने दिसंबर के अंत तक दोबारा सर्वे कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट सौंपने की बात की।

हरियाणा स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कॉरर्पोरेशन की ओर से नए एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए फिर से सर्वे शुरू करा दिया है। पहले हुए सर्वे की फिजिबिलिटी रिपोर्ट में खामियां पाने के चलते यह सर्वे दोबारा से शुरू किया है। 10 नवंबर को चीफ सेके्र टरी के साथ हुई मीटिंग के बाद आदेश दोबारा आदेश मिले है और दिसंबर के अंत तक दोबारा रिपोर्ट सौंपी जानी है। जिसके बाद सरकार की ओर से एक्सप्रेस वे को लेकर भू अधिग्रहण व निर्माण की हरी झंडी दिखाई जाएगी।
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-जगवीर सिंह काजला, डीजीएम, एचएसआरडीसी
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