सोनीपत। कोरोना महामारी के बीच जहां चिकित्सकों ने अपना कर्तव्य निभाया तो नर्सें भी पीछे नहीं रहीं। वह भी अस्पताल में लगातार काम करती रहीं। कोरोना से लोगों को बचाते हुए नर्स खुद कोरोना पॉजिटिव हो गई तो उनके परिवार भी संक्रमित हो गए। उसके बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ और कोरोना को मात देने के बाद दोबारा फर्ज निभाने को आइसोलेशन वार्ड से लेकर इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का उपचार कराने में लगी हुई है। वह ऐसी जगहों पर ड्यूटी कर रही है, जहां कोरोना होने का ज्यादा डर रहता है।
घायलों की जान बचाते हुए संक्रमित हुई कविता पांचाल फिर लौटी
अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड काफी अहम होता है, जहां पर हादसों में घायल लोगों को सबसे पहले उपचार दिया जाता है। यहां पिछले काफी समय से स्टाफ नर्स कविता पांचाल की ड्यूटी है। जब सभी कर्मियों का कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया जा रहा था, उस दौरान कविता पांचाल ने सैंपल दिया। जांच के उपरांत कविता पांचाल कोरोना पॉजिटिव हो गई। 7 जुलाई को ड्यूटी पर आने से पहले कविता पांचाल ने खुद को पानीपत में होम आइसोलेट किया और परिवार के सभी सदस्यों व बच्चों से अलग रही। प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करके कोरोना को मात दी। अब दोबारा से इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रही है।
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दीक्षा के साथ पति व बेटी भी पॉजिटिव हुई, जज्बा दिखा दोबारा काम पर लौटी
नागरिक अस्पताल में स्थित बच्चों के वार्ड में ड्यूटी देते समय स्टाफ नर्स दीक्षा की तबीयत खराब हो गई थी। इस दौरान उसने कोरोना की जांच कराई तो उसकी रिपोर्ट 9 सितंबर को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उसने ओम नगर में होम आइसोलेट कर दिया। उसके बाद पति, सास व दो बच्चों का कोरोना जांच कराया तो उसका पति और चार वर्षीय बेटी कोरोना पॉजिटिव आए। इसके बाद उसके डेढ़ वर्षीय बेटे व सास ने अलग कमरे में आइसोलेट किया। अच्छी डाइट लेने के बाद सभी ने कोरोना को मात दी। 27 सितंबर को ड्यूटी दोबारा ज्वाइन कर ली है।
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सुमन का परिवार भी पॉजिटिव हुआ, सास-ससुर ने रखा ध्यान तो ठीक होकर लौटी
अस्पताल के सभी वार्डों में निरीक्षण करते समय आईसीएन सुमन डागर को 5 सितंबर को बुखार हुआ था। दो दिन के बाद उसने कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर नरेंद्र नगर स्थित अपने घर पर आइसोलेट कर दिया। उसके साथ पति व दो बच्चे कोरोना पॉजिटिव हो गए। इसके उपरांत सास व ससुर ने उनके खाने पीने का प्रबंध किया। 25 सितंबर को कोरोना के मात देने के उपरांत दोबारा ड्यूटी लगातार कर रही हूं। साथ ही लोगों से अपील है कि वह कोरोना से डरने की वजह उससे लड़ने के लिए तैयार रहे।
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ममता के साथ बेटा भी हुआ पॉजिटिव, फिर भी हिम्मत नहीं हारी
अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ड्यूटी दे रही स्टाफ नर्स ममता की अचानक तबीयत खराब हुई तो उसने अस्पताल में कोरोना जांच के लिए सैंपल कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के उपरांत 10 दिन तक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस राई में भर्ती रखा। इसके साथ ही बच्चों व परिवार के सभी सदस्यों की सैंपल कराया तो 10 वर्षीय बेटा भी कोरोना पॉजिटिव हो गया। इस पर बेटे को भी अपने साथ रखा। 10 दिन के उपरांत दोनों को होम आइसोलेट किया गया। 28 सितंबर से दोबारा ड्यूटी पर आकर सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल कर रही हूं।
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सुलोचना के साथ पति व बेटी पॉजिटिव हुई तो परिवार ने हिम्मत बढ़ाई, फर्ज निभा रही
जब से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई है, उस समय से अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना रखा है। जिसमें स्टाफ नर्स सुलोचना लगातार ड्यूटी दे रही है। कोरोना मरीजों के उपचार के दौरान उनके संपर्क में आने से कोरोना जांच कराई तो 11 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर खुद को रायपुर में होम आइसोलेट कर लिया। इसके उपरांत परिवार के सभी सदस्यों की कोरोना जांच कराई तो पति व उसकी 10 वर्षीय बेटी कोरोना पॉजिटिव हो गई। साथ ही 87 वर्षीय सास व 16 वर्षीय बेटे ने दूसरे घर में आइसोलेट दिया। इस दौरान खाने पीने का बीड़ा पति के बड़े भाई ने उठाया।