सोनीपत। कड़ाके की ठंड का असर अब स्कूलों में लगाई जा रही 10वीं व 12वीं कक्षा की अतिरिक्त कक्षाओं पर भी नजर आने लगा है। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
शीतकालीन अवकाश की शुरुआत में जहां स्कूलों में विद्यार्थियों ने 70 फीसदी तक उपस्थिति दर्ज करवाई थी, वहीं बर्फीली हवाओं के बीच इनकी संख्या घटकर 15 से 25 फीसदी तक रह गई है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूल न आने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रखने के लिए टैबलेट पर कार्य भेजने के निर्देश दिए हैं।
राजकीय स्कूलों में 1 से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए थे, ताकि बोर्ड कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई व्यवधान ना आए। पहले दिन जहां स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी 50 से 70 फीसदी तक थी, वहीं एक सप्ताह में ही यह घटकर 15 से 25 फीसदी तक रह गई है। स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थियों को अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय की कक्षाएं लगाकर तैयारी करवाई जा रही है। हालांकि कक्षा में विद्यार्थी संख्या कम होने से अध्यापकों को भी पढ़ाई जारी रखने में परेेशानी आ रही है। हालात यह हैं कि 30 से 35 संख्या वाली कक्षाओं में महज 5 से 7 विद्यार्थी ही पहुंच रहे हैं।
अभिभावक भी नहीं दिखा रहे रुचि
शीतकालीन अवकाश के बीच 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही है। कड़ाके की ठंड के कारण अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे। दूसरी तरफ शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बाद वे नया विषय शुरू नहीं करवा पा रहे। बच्चों को पुराने विषय की ही दोहराई करवाई जा रही है। नया विषय शुरू करवाएंगे तो नियमित कक्षाएं लगने पर दोबारा ने यह विषय कराना होगा। अध्यापकों का कहना है कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाओं में आने के लिए कहा जा रहा है।
राजकीय स्कूलों में शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं ले रहे हैं। ठंड बढ़ने से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में इन दिनों कमी आई है। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा जा रहा है।
नवीन गुलिया, जिला परियोजना संयोजक, सोनीपत