सोनीपत। गर्मी बढ़ने के साथ इलेक्ट्रिक वातानुकूलित (एसी) बसों में यात्रियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। गणतंत्र दिवस पर ई-बसों की शुरुआत हुई थी। उसके बाद से सोनीपत बस अड्डे से कुंडली-सिंघु बॉर्डर तक पांच एसी बसों का संचालन किया जा रहा है।
सोनीपत से कुंडली तक ऑटो का किराया भी 40 रुपये निर्धारित है। उसी किराये में लोग एसी बस में बैठकर यात्रा कर रहे हैं। एनसीआर क्षेत्र में शामिल सोनीपत बस अड्डे से कुंडली-सिंघु बॉर्डर के लिए हर आधे घंटे में ई-एसी बस मिल रही है। ई-बसों का परिचालन शुरू होने से प्रदूषण का स्तर कम हाे रहा है।
37 डिग्री तापमान के बीच गर्मी शुरू होते ही रोडवेज की एसी बसों में यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। चंडीगढ़ व दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की पहली मांग एसी बसों की हो रही है। रोडवेज की एसी बस का संचालन सोनीपत से चंडीगढ़ और दिल्ली किया जा रहा है।
वहीं, ई-एसी बस का संचालन सोनीपत से कुंडली-सिंघु बॉर्डर तक किया जा रहा है। गर्मी में सोनीपत बस अड्डे से ही सीटिंग लगभग पूरी हो रही है। सोनीपत डिपो में पांच वातानुकूलित बस और पांच ई-एसी बस है।
इसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर कर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। ई-एसी बस के संचालन से राई व कुंडली औद्योगिक क्षेत्र व दिल्ली जाने वाले दैनिक यात्रियों व नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिल रहा है। कुंडली-सिंघु बॉर्डर से रात 8:40 बजे सोनीपत के लिए अंतिम बस अपना सफर का रही है।
कुंडली बॉर्डर जाने वाले यात्रियों की संख्या इतनी है कि पांच ई-बस भी कम पड़ रही हैं। ई-बस का संचालन रोडवेज के अधीन निजी कंपनी की ओर से किया जा रहा है। इस रूट पर यात्रियों की संख्या बहुत है।
गर्मी बढ़ने के साथ इलेक्ट्रिक एसी बसों की मांग बढ़ रही है। सोनीपत-कुंडली बॉर्डर तक पांच ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। जल्द ही नई ई-बसें आनी हैं। ई-बसों का विस्तार दिल्ली आईएसबीटी तक करने के लिए सरकार को पत्र लिखा हुआ है। मंजूरी मिलने के बाद ई-बसों का संचालन दिल्ली आईएसबीटी तक किया जाएगा।
-संजय कुमार, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज