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ऊर्जा संरक्षण : रेलवे स्टेश से ट्रेन पर आएगी ट्रेन तो जलेगी लाइट, जाते ही खुद बुझ जाएगी

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रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर वायरिंग करते दिल्ली रेल मंडल के कर्मचारी। संवाद - फोटो : Sonipat
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दिल्ली रेल मंडल में आने वाले सोनीपत स्टेशन को ऊर्जा संरक्षण के लिए चुना गया है। यह रेल मंडल का पहला स्टेशन होगा, जहां पर ट्रेन के प्लेटफार्म से गुजरने के बाद 70 फीसदी लाइट अपने आप बंद हो जाएंगी। रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने व बिजली खर्च में कटौती करने के लिए प्रकाश नियंत्रण प्रणाली के तहत यह योजना तैयार की है।
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ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही पूरा स्टेशन पूरा जगमग हो जाएगा। रेलवे स्टेशन पर लगी 100 फीसदी लाइट अपने आप जल उठेंगी, जिसके लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्वचालित लाइट नियंत्रण सिस्टम लगाया जा रहा है। इस योजना को लेकर दिल्ली रेल मंडल के कर्मचारी 10 दिन से रेलवे स्टेशन पर काम कर रहे हैं। अगर यह योजना सिरे चढ़ी तो दिल्ली रेल मंडल के तहत आने वाले प्रदेश के सभी स्टेशनों पर यह व्यवस्था की जाएगी। रेलवे की ओर से ऊर्जा संरक्षण के लिए उठाए गए विशेष कदम की पहल दिल्ली मंडल के सोनीपत रेलवे स्टेशन से की जा रही है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जल्द ही स्वचालित लाइट नियंत्रण सिस्टम लगाया जाएगा। इसके बाद रेलवे स्टेशन पर खर्च होने वाली बिजली की खपत को 70 फीसदी कम किया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि योजना को सिरे चढ़ाने के लिए दिल्ली रेल मंडल के चार कर्मचारी जेई के नेतृत्व में 10 दिन से केबल बिछाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य को 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। यह सिस्टम प्लेटफॉर्म के दोनों ओर आउटर पर लगाए गए सेंसर की मदद से संचालित होगा। जिसके लिए रेलवे स्टेशन पर एक पैनल लगाया जाएगा। जैसे ही ट्रेन आउटर पर लगे सेंसर को पार करते हुए प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ेगी तो प्लेटफॉर्म की 100 फीसदी लाइट अपने आप ही जल जाएंगी। जब तक ट्रेन रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहेगी, लाइट भी जलती रहेगी। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म से रवाना होकर दूसरी ओर आउटर पर लगे सेंसर को पार करेगी तो प्लेटफॉर्म की 70 फीसदी लाइट अपने आप बंद हो जाएगी। जिसके लिए अलग से एनर्जी मीटर लगाए जाएंगे। रेलवे की ओर से इस व्यवस्था को ऊर्जा संरक्षण के तौर पर देखा जा रहा है।
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यात्रियों की सुविधा के लिए जलती रहेंगी 30 फीसदी लाइट
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से यात्रियों, कर्मचारियों, वेंडरों व अन्य कार्यों में बाधा उत्पन्न न हो, का खास ध्यान रखा जाएगा। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों, वेंडरों व कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए अलग से वायरिंग का काम किया जाएगा। अलग से मीटर भी लगाए जाएंगे। जिसके लिए पुराने तार को बदला जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर 30 फीसदी लाइट यात्रियों, वेंडरों व कर्मचारियों के लिए जलती रहेंगी। इसमें प्लेटफॉर्म पर लगी ट्यूब लाइट व पंखे भी शामिल होंगे। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल पहले ही लगाया जा चुका है। इससे यहां रोशनी की किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सोनीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर 70-30 फीसदी प्रकाश नियंत्रण प्रणाली के तहत कार्य किया जा रहा है। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही 100 फीसदी लाइट अपने आप जल उठेंगी। ट्रेन के प्लेटफॉर्म से जाने पर 70 फीसदी लाइट अपने आप बंद हो जाएगी। इस कार्य को 30 सितंबर तक तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रकाश नियंत्रण प्रणाली के तहत यात्रियों, वेंडर व कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए 30 फीसदी लाइट की वायरिंग अलग से करवाई जाएगी। मीटर भी अलग लगाए जाएंगे। अगर यह योजना सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सफल होती है तो दिल्ली रेल मंडल के तहत आने वाले सभी स्टेशनों पर इस योजना को लागू करवाने का प्रयास किया जाएगा। -डिंपी गर्ग, डीआरएम, दिल्ली रेल मंडल
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