खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल के नए एसएमओ डॉ. सत्यपाल सहित कई चिकित्सक व अन्य कर्मचारी सोमवार को दहिया खाप प्रधान जयपाल दहिया के पास पहुंचे और उन्होंने पदोन्नत हुई एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत व एक अन्य स्टाफ पर आरोप लगाए। क्षेत्र से मौजिज लोगों ने भी पंचायत में हिस्सा लिया। पंचायत ने एलान किया कि अगर 24 घंटे के भीतर मामले में सरकार व प्रशासन संज्ञान नहीं लेता है तो अस्पताल में धरना शुरू कर दिया जाएगा।
अस्पताल के नए एसएमओ डाॅ. सत्यपाल ने सोमवार को हुई पंचायत के समक्ष पदोन्नत हुई एसएमओ डाॅ. आशा सहरावत पर उनके कार्यालय से सामान बाहर फेंकने व उनकी गैर मौजूदगी में स्टाफ के समक्ष जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए। एक अन्य कर्मचारी ने भी उनकी एसीआर जानबूझकर खराब करने व पुलिस को उनकी गलत शिकायत देने की बात कही। इस दौरान कई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी ड्यूटी इधर से उधर करने, सफाई का काम करवाने जैसे आरोप लगाए।
पंचायत में मौजूद लोगों ने सरकार व प्रशासन से 24 घंटे के भीतर इस मामले में संज्ञान लेकर विवाद को खत्म करने की मांग की है। दहिया खाप प्रधान जयपाल दहिया ने कहा कि स्टाफ के बीच इस प्रकार के विवाद माहौल खराब करते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। प्रशासन के साथ ही सरकार को भी वह 24 घंटे का समय देते हैं। अगर इस दौरान विवाद नहीं सुलझा तो मंगलवार को अस्पताल में धरना शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान भाजपा नेता प्रीतम खोखर, हीरा लाल, जिला पार्षद मंजीत भोला, पवन, राजू धानक सहित कई गांवों से लोग व खरखौदा अस्पताल के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
वर्जन
चार महीने से कार्यकारी एसएमओ के तौर पर ड्यूटी कर रहीं थी, उस दौरान किसी ने कोई शिकायत नहीं दी। उनके पदोन्नति पाकर एसएमओ बनते ही एक ही दिन में एसएमओ सहित कुछ स्टाफ कर्मियों को आपत्ति हो गई। संस्थान व्यवस्थित तरीके से चलाने का प्रयास किया है, जिस पर काम नहीं करने वालों को परेशानी हो रही है। मेरी गैर मौजूदगी में नए एसएमओ की ओर से मेरी नेम प्लेट को बाहर फेंक दिया गया। इसकी भी लिखित सूचना आला अधिकारियों को भेजी है।-डॉ. आशा सहरावत, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, खरखौदा