फोटो 50. आश्रम में बैठे बुजुर्ग।
गन्नौर। लल्हेडी रोड पर संचालित वृद्धाश्रम में बुजुर्गों ने बेहतर सुविधा नहीं मिलने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आश्रम में बुजुर्गों की संख्या अधिक दिखाई जाती है। मामले को लेकर एसडीएम ने कमेटी बनाकर जांच कराने की बात कही है।
बुजुर्ग रिशाल वर्मा ने बताया कि वह चार वर्ष से यहां रह रहे हैं। आश्रम में करीब 15 बुजुर्ग है और आश्रम प्रबंधक आस-पडोस के रहने वाले बुजुर्गों के नाम रजिस्टर में दर्ज कर उनके नाम से भी पैसे लेता है। उन्हें हर रोज खाने में सिर्फ दाल व आलू की सब्जी दी जा रही है। उसमें भी ज्यादातर पानी ही होता है। विरोध करते है तो प्रबंधक आश्रम में रहने वाले युवकों से उनकी पिटाई कराता है। जिस वजह से बुजुर्गों में दहशत है। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि आश्रम की व्यवस्था ठीक नहीं है जिस वजह से वह कई बार आश्रम छोड़ चुके हैं, लेकिन कोई ठिकाना न होने के कारण वह वापस आश्रम में रहने को मजबूर है। बुजुर्ग राजेंद्र सिंह ने बताया कि आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के खाने के लिए हर रोज डाइट बनाई गई है, लेकिन उन्हें डाइट के हिसाब से खाना नहीं दिया जा रहा। पहले यहां अनाथ आश्रम चल रहा था, लेकिन शिकायत के बाद जब विभाग ने कार्रवाई की तो खामियां मिली और आश्रम में रह रहे बच्चों को शिफ्ट कर आश्रम को बंद कर दिया गया था।
प्रबंधक ने आरोपों को नकारा
आश्रम प्रबंधक हरिओम शर्मा ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप गलत है। आश्रम में बुजुर्गों का अच्छे से ख्याल रखा जा रहा है और उन्हें खाने के लिए सुबह नाश्ते से लेकर रात तक बेहतर खाना दिया जाता है। रिशाल वर्मा पहले भी कई बार आश्रम छोड़ कर जा चुके हैं। आश्रम में सिर्फ 25 बुजुर्ग हैं जिनकी हर रोज हाजिरी रजिस्टर में लगाई जाती है।
कमेटी बनाकर की जाएगी जांच
गन्नौर एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इस मामले में कमेटी बनाई जाएगी जो मामले की जांच करेगी।
फोटो 50. आश्रम में बैठे बुजुर्ग।