सोनीपत। आर्य समाज सेक्टर-15 में मंगलवार को आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। गुजरात से पधारे स्वामी विवेकानंद परीव्राजक ने योग मार्ग में अहंकार को सबसे बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अकेले सफलता नहीं प्राप्त कर सकता। वह कई लोगों के सहयोग से आगे बढ़ता है।
स्वामी विवेकानंद ने कहा कि मनुष्य की उन्नति में सबसे बड़ा योगदान ईश्वर का होता है। ईश्वर हमें सामर्थ्य प्रदान करते हैं। यदि व्यक्ति माता, पिता, गुरु और समाज के उपकारों को भूल जाता है तो उसमें अहंकार पैदा हो जाता है। इससे आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं हो पाती है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धन और सांसारिकता में अधिक आसक्त रहता है वह धर्म का सही ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। स्वामी ने साधकों को ध्यान की क्रिया विधि सिखाई। साधकों ने नियमित ध्यान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राज गुलाटी, आर्य समाज सेक्टर 15 के मंत्री दीनदयाल मदन, मीनाक्षी मदान, दीपक राणा, इंदिरा दहिया मौजूद रहे।