दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी में एनसीसी कैडेट का स्वागत करते अतिथि।
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सोनीपत। एनसीसी कैडेट अब सुरक्षा के साथ पर्यावरण व स्वच्छता की अलख जगाने का कार्य कर रहे हैं। 40 दिन की साइकिल रैली के दौरान 1200 से अधिक एनसीसी कैडेट ने स्वच्छता व पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। एनसीसी कैडेट ने नुक्कड़ नाटक व पंपलेट के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण, ऊर्जा व जल संरक्षण को लेकर जागरूक किया।
इस दौरान महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति राजबीर सिंह ने एनसीसी की साइकिल रैली को दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से झंडी दिखाकर दिल्ली के लिए रवाना किया। कुलपति राजबीर सिंह ने कहा कि मानव का जन्म से ही प्रकृति से नाता जुड़ जाता है। पर्यावरण का संरक्षण करना हमारा वैदिक चिंतन है। उन्होंने कहा कि हमें वन्य संपदा के संरक्षण को राष्ट्रीय कर्त्तव्य मानना चाहिए। जंगल राष्ट्र की प्राकृतिक संपदा होते हैं। हमें अपने आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, स्वच्छता से शरीर स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है, स्वस्थ रहकर हम अपनी कार्य क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं।
एनसीसी की जागरूकता रैली सुदूर लेह से शुरू है, जिसमें आमजन को स्वच्छता, पर्यावरण, ऊर्जा व जल संरक्षण के साथ प्लास्टिक मुक्त के प्रति जागरूक करने का कार्य एनसीसी कैडेट ने किया। यात्रा के दौरान एनसीसी कैडेट ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। एनसीसी कैडेट ने बताया कि इस मुहिम को हम सब मिलकर ही सफल बना सकते हैं। एनसीसी कैडेट ने यात्रा के भिन्न-भिन्न पड़ावों में लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि पर्यावरण, ऊर्जा व जल संरक्षण हमारी आने वाली पीढियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर हम पर्यावरण, ऊर्जा व जल संरक्षण की मुहिम में कामयाब हो गए तो हमारा राष्ट्र विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बन जाएगा। एनसीसी कैडेट ने यात्रा के दौरान पंपलेटों का वितरण भी किया। एनसीसी की यात्रा लेह से 16 अगस्त को प्रारंभ हुई थी, जबकि दूसरी शिमला से 22 सितंबर को प्रारंभ हुई। एनसीसी की साइकिल यात्रा में तीन राज्यों की एनसीसी यूनिट के 1200 से अधिक कैडेट ने लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। इस दौरान मदवि के प्रो. राजकुमार, प्रो. संदीप राणा, कर्नल के बालाजी, रोहतक के डिप्टी ग्रुप कमांडर कर्नल केएस नुपूरी, ले. कर्नल आरके परमार, ले. कर्नल वैरून्नी, डॉ. प्रदीप सिंह, सुबेदार मेजर अजय कुमार, कैप्टन जसवंत सिंह, सुबेदार देवेंद्र सिंह, हवलदार नकुल व नौसाद अली आदि उपस्थित थे।