मुरथल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसरों की नियुक्तियों से रोक हटी
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक यूनिवर्सिटी मुरथल में असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसर के साथ ही प्रोफेसरों की नियुक्तियों पर लगी रोक हटा दी गई है। यूनिवर्सिटी में 66 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन इन पदों के लिए पहले लिए गए आवेदनों के साथ ही दोबारा आवेदन करने पड़ सकते है। क्योंकि नए आरक्षण रोस्टर लागू होने और सातवें वेतन आयोग के लागू होने से नई नियुक्तियों की प्रक्रिया में इनको शामिल किया जाएगा। यूनिवर्सिटी में डीन एकेडमिक की अध्यक्षता में बनी कमेटी की अगले सप्ताह मीटिंग होते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और उसके बाद यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में खाली चल रहे टीचिंग स्टाफ के पद भर सकते है।
दीनबंधु छोटूराम प्रौद्योगिकी एवं तकनीकि यूनिवर्सिटी मुरथल में अभी तक प्रोफेसरों की कमी दूर नहीं हो सकी है। यूनिवर्सिटी में प्रोफेसरों के 386 पद हैं, जिनमें से 212 खाली है और 174 स्थायी प्रोफेसर कार्यरत हैं। इस कारण ही जून 2018 में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के 66 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की प्रक्रिया भी अगस्त 2018 में पूरी हो चुकी है और इसके लिए ज्यादा आवेदन आने के कारण ही ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट कराने की बात कही गई थी। इन असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसर के साथ ही प्रोफेसर की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी चल ही रही थी कि देशभर में नियुक्तियों से लेकर प्रमोशन में आरक्षण को लेकर चल रहा विवाद कोर्ट तक पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्तियों की प्रक्रिया पर स्टे लगा दिया था, जिसके आधार पर यूजीसी को सभी यूनिवर्सिटी की नियुक्ति प्रक्रिया को रुकवाना पड़ा और यहां भी नियुक्ति प्रक्रिया को रोक दिया गया था, लेकिन सरकार ने दो दिन पहले ही नियुक्ति को मंजूरी दी और इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है।
आरक्षण के नए रोस्टर व सातवें वेतन आयोग के आधार पर होंगे आवेदन
यहां अभी तक टीचिंग स्टाफ की नियुक्तियों में 49 प्रतिशत का आरक्षण था, जिसमें 22 प्रतिशत एससी व 27 प्रतिशत बीसी के लिए है। यह भी कैडर के अनुसार दिया जाता है, जिसको असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के लिए अलग-अलग दिया जाता है, लेकिन इसको यूनिवर्सिटी के आधार पर देने की मांग उठ रही थी। इसके अलावा प्रमोशन में आरक्षण देने की मांग चल रही है और इन दोनों चीजों को लेकर ही मामला कोर्ट में पहुंचा था। अब आरक्षण का नया रोस्टर बनाया गया है तो सातवां वेतन आयोग भी प्रदेश में लागू हो गया है। इन दोनों के आधार पर आवेदन मांगे जाएंगे तो पहले आवेदन करने वाला अपनी शिक्षा या अन्य जानकारी को बदलना चाहता है तो वह भी बदल सकेगा।
इन पदों पर हुए थे आवेदन
-आर्किटेक्चर में 12 असिस्टेंट प्रोफेसर, 3 एसोसिएट प्रोफेसर
-बायोटेकभनोलॉजी में 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 3 एसोसिएट प्रोफेसर
-एनवायरमेंट स्टडीज में 1 असिस्टेंट प्रोफेसर
-केमिकल इंजीनियरिंग में 2 असिस्टेंट प्रोफेसर
-केमिस्ट्री में 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 1 प्रोफेसर
-सिविल इंजीनियरिंग में 2 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 1 प्रोफेसर
-कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 5 असिस्टेंट प्रोफेसर
-मैनेजमेंट स्टडीज में 2 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर
-मैथमेटिक्स में 5 असिस्टेंट प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर
-मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 3 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर
-फिजिक्स में 5 असिस्टेंट प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 1 प्रोफेसर
-इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 1 एसोसिएट प्रोफेसर
रोक हट गई है, आवेदन मंगाकर प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी
यूनिवर्सिटी में नियुक्ति के लिए पहले आवेदन मांगे गए थे। आवेदन प्रक्रिया भी पूरी हो गई थी, लेकिन आरक्षण मामले को लेकर उस पर रोक लगा दी गई थी। अब दोबारा से नियुक्ति के आदेश मिल गए हैं और इसके लिए कमेटी बना दी गई है। इस कमेटी की जल्द मीटिंग हो जाएगी और उसके बाद नियुक्ति के लिए आवेदन मांगकर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. अनिल खुराना, रजिस्ट्रार मुरथल यूनिवर्सिटी