फोटो 34: सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई औद्योगिक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों
गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली संकट गहराता जा रहा है। उद्योगपतियों की परेशानी पर आयोजित बैठक में बिजली निगम ने बिजली संकट की जिम्मेदारी हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम बड़ी पर डाल दी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि समय रहते जानकारी न मिलने के कारण लोड नहीं बढ़ाया जा सका, जिससे आज यह स्थिति बनी है।
एमएसएमई औद्योगिक वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यालय में आयोजित बैठक में बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार और कनिष्ठ अभियंता ओमदास विशेष रूप से पहुंचे।
बैठक में बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती, नए कनेक्शन न मिलने और ओवरलोड की समस्या को लेकर चर्चा हुई। एसोसिएशन के महासचिव हरप्रीत सिंह ने बताया कि बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली के अघोषित कटों से उद्योगपतियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कई उद्योग बिजली संकट के चलते बंद होने की कगार पर हैं और नए उद्योगों को कनेक्शन तक नहीं मिल पा रहे। इसकी सबसे बड़ी वजह बिजली ओवरलोड होना है। बिजली निगम के अधिकारियों ने कहा कि लोड बढ़ाने के लिए पहले से योजना बनानी होती है, लेकिन एचएसआईआईडीसी ने कभी यह नहीं बताया कि क्षेत्र में कितने नए उद्योग लगने जा रहे हैं।
यदि समय रहते जानकारी मिलती तो निगम लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर देता। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को मूलभूत सुविधा देना एचएसआईआईडीसी की जिम्मेदारी है, लेकिन विभाग की निष्क्रियता का खामियाजा अब उद्योगों को भुगतना पड़ रहा है। बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में जल्द नया पावर हाउस स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने भूमि देने की सहमति दी है।