खरखौदा से गोपालपुर तक जाने के लिए बनाई गई है सड़क
अंडरपास के छोर पर जमा हो जाता है शहर का पानी
फोटो 02: सोनीपत के खरखौदा शहर का गोपालपुर मार्ग जो जलभराव के चलते बनने के कुछ समय बाद ही टूट गया है। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गोपालपुर को शहर से जोड़ने के लिए 8-10 लाख रुपये में बनाई गई लगभग आधे किमी सड़क निर्माण के पांच माह बाद ही टूट गई। सड़क बनाने के दौरान पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं करने की वजह से सड़क की यह हाल हुई है। इसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि अंडरपास के छोर पर शहर से आने वाला पानी जमा हो जाता है और आगे निकलने की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी भरा रहता है। तारकोल से बनाया गया मार्ग शुरुआत से ही पानी के दबाव को झेल नहीं सका और टूट गया।
रमेश, कुलबीर, प्रमोद, शांति, सुरेश व प्रमोद का कहना है कि शहर से बहकर आने वाला पानी भी इसी स्थान पर एकत्रित हो जाता है। लंबे समय तक पानी भरे रहने से सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी। अब तो कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं।
सड़क का काफी हिस्सा टूटकर बिखर चुका है। शहर वासियों का कहना है कि निर्माण के समय यदि जल निकासी की समुचित योजना बनाई जाती तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती।
अंडरपास के पास पानी जमा होने की समस्या पहले से मौजूद थी लेकिन इसके बावजूद निकासी के लिए नाले या ड्रेनेज की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप सड़क निर्माण पर खर्च की गई राशि का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, अब सड़क पर जलभराव की बनी समस्या का सामना स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार गड्ढों का पता ही नहीं चलता जिससे वाहन असंतुलित हो जाते हैं। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं।
लोगों का कहना है कि केवल सड़क की मरम्मत करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक जलभराव के मूल कारण को दूर नहीं किया जाता इस समस्या से निजात नहीं मिल पाएगी। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले मानसून में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
वर्जन
खरखौदा शहर में जलभराव होने से सड़क टूट रही है। वह जगह एनएचएआई के दायरे में आती है। समाधान शिविर में भी लोग इस समस्या को लेकर पहुंचे थे। एनएचएआई को समाधान के लिए कहा गया है। -सुमित कौशिक, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग।