नुकसान : सोनीपत की नई अनाज मंडी में फर्श पर डाला गया गेहूं बूंदाबांदी में भीग गया। इसके साथ ही
सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से रविवार शाम तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इसके कारण खेत से लेकर मंडी तक किसानों का गेहूं भीग गया और किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में कमी आई है और न्यूनतम तापमान बढ़ गया है।
ऊपरी वायुमंडल की जेट धाराएं दक्षिणावर्त होने से अप्रैल में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। अब एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से ही मौसम खराब हो गया। रविवार को बादल छाए रहे और बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर 15 अप्रैल तक रहेगा। इसके बाद 16 अप्रैल, 19 अप्रैल व 21 अप्रैल को भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान है। ऐसे में अप्रैल माह के अंत तक मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
किसानों की बढ़ गई मुसीबत
बूंदाबांदी के कारण फसलों की कटाई व कढ़ाई में जुटे किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। रविवार को वातावरण में नमी और उमस बढऩे से गेहूं की मशीनों से कटाई की प्रक्रिया प्रभावित रही। जिन किसानों ने हाथों से कटाई की थी, उनका गेहूं भी खेत में भीग गया। इसके कारण कढ़ाई की प्रक्रिया प्रभावित रही। जिले में 1 लाख 50 हजार हैक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई किसानों ने कर रखी है। बूंदाबांदी से सोनीपत अनाज मंडी में पांच हजार क्विंटल गेहूं भीग गया। जिसे सुखाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं खरखौदा मंडी में भी खुले में रखे 50 हजार बैग (25 हजार क्विंटल) गेहूं पर बूंदाबांदी हुई है। जिसमें नुकसान की आशंका है।
वर्जन
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिसके कारण रविवार को बूंदाबांदी हुई है। 15 अप्रैल तक तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार बने रहेंगे। तापमान में उतार-चढ़ाव महीने के अंत तक बना रहेगा।
डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, केवीके सोनीपत