गोहाना। रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित एटक के राज्य प्रधान ओमप्रकाश ग्रेवाल व राज्य महासचिव जयबीर घणघस के आह्वान पर रविवार को गोहाना बस अड्डा परिसर में डिपो प्रधान संजीव स्वामी व सचिव परवीन मलिक के नेतृत्व में रोडवेज कर्मियों ने न्याय संहिता के बिल का विरोध करते हुए रोष प्रकट किया।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया हैं। यह बिल यूनियन चालकों के हित में नहीं है। इस बिल से देशभर का चालक बर्बाद हो जाएगा। इस बिल के तहत वाहन चालक घायल को अस्पताल पहुंचाएगा। यदि वाहन चालक ने घायल को अस्पताल तक नही पहुंचाया तो वाहन चालक को 10 साल की सजा व 10 लाख रुपये जुर्माना देना होगा। घायल की इलाज के बाद भी मृत्यु हो गई तो सात साल की सजा और सात लाख रुपये का जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हादसे के समय चालक मौके से भाग कर अपनी जान बचाता हैं तो उसे अब नए कानून के तहत 10 साल की सजा व 10 लाख जुर्माना देना होगा। इस कानून के डर से चालक नौकरी छोड़ने पर मजबूर होंगे। इस दौरान मौजूद नरेंद्र शर्मा, दयनाद, राजेश मलिक, संजय, रामपाल, संदीप, भूप सिंह, देवराज, भगत सिंह व संदीप लठवाल मौजूद रहे।