महेंद्रगढ़। शहर में नियमित सफाई नहीं होने से नालियां चोक हो गई हैं। एक सप्ताह में सफाई कर्मचारी नाली की सफाई करने आते हैं। नाली की सफाई के बाद कूड़ा बाहर छोड़ दिया जाता है। इससे वह दोबारा नालियों में ही चला जाता है। दुर्गंध उठने से लोगों को परेशानी होती है।
कर्मचारी दस दिन तक कूड़े का उठान नहीं करते है। नाली साफ करने वाले कर्मचारी खानापूर्ति करके चले जाते हैं। नाली को पूरी तरह से साफ नहीं करते। जबकि कूड़े को एक स्थान पर एकत्रित नहीं करते है। इसके कारण नालियों का पानी सड़क पर आ जाता जाता है। कर्मचारी नालियों को साफ भी कर देता है तो कूड़े के ढेर को 10 दिन बाद उठाया जाता है।
सफाई कर्मचारी नाली में फंसे कूड़े को तो निकाल देते हैं, लेकिन पूरी तरह से नालियों का सफाई नहीं करने के कारण तेज बहाव से पानी सड़क पर फैल जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मोहल्ले के धर्मेंद्र, सुरेश, पवन, रुपेश, काकू, बबलू, नरेन, जगदीश आदि ने बताया कि नालियों चोक होने के कारण बदबू उठती है और मच्छरों के पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है। अनेक जगह तो नालिया टूटी हुई पड़ी हैं।
कई बार नपा अधिकारियाें को मौखिक रूप से शिकायत भी कर चुके हैं। नगरपालिका को चाहिए कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन नालियों की सफाई जरूर करनी चाहिए। ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। महिलाएं मंदिरों में पूजा करने के लिए जाती है तो बदबूदार गंदे पानी से गुजरना पड़ता है।