जिले में रिकॉर्ड औसतन 119 एमएम बारिश के आगे ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया। सड़कें और गलियां तालाब बन गईं और निचले इलाकों में घरों के अंदर पानी भर गया। शहर में पानी भरने से बारिश लोगों के लिए आफत बन गई, वहीं किसानों को राहत महसूस हुई।
गांव बढ़खालसा में किराये के मकान में पानी भरने से करंट लगकर युवक की मौत हो गई। ड्रेनेज सिस्टम पर करोड़ों खर्च करने के बावजूद शहर में पानी निकासी की व्यवस्था फिर से फेल हो गई। सड़कों पर तीन फुट तक पानी भरने से वाहन बंद हो गए। ट्रैफिक जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बारिश के बीच पुलिस को खूब मशक्कत करनी पड़ी। शनि मंदिर अंडरब्रिज पानी से पूरी तरह भर गया, जिससे शहर दो हिस्सों में बंटकर रह गया।
रविवार देर रात से मौसम में बदलाव हो गया था। रात करीब 12 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। उसके बाद रात दो बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। सोमवार को देर शाम तक जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होती रही। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली, वहीं शहरी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने की वजह से सड़कों व कॉलोनियों में घटों तक पानी भरा रहा। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से न्यूनतम व अधिकतम तापमान में काफी कम अंतर आ गया। अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
औसतन रिकॉर्ड 119 एमएम बारिश से नगर निगम की निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। शहर में जगह-जगह पानी भर गया। गीता भवन चौक, ककरोई चौक, बहालगढ़ रोड, कामी रोड, गोहाना रोड, वैक्सन कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, मॉडल टाउन, पुरखास रोड, सेक्टर-14 व 15, अग्रसेन चौक सहित अधिकतर स्थानों पर पानी भर गया। गांव राई के शिव मंदिर में पानी भरने से श्रद्धालु परेशान रहे। ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के लिए 355 कर्मियों को लगाने के बाद भी सिस्टम फेल हो गया। अधिकारियों के दावों की पोल खुल गई। राई क्षेत्र में बिल्डर की ऊंची इमारतों में भी पानी भर गया। कई इमारतों के बेसमेंट में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई।
सबसे अधिक राई ब्लॉक में 183 एमएम बारिश दर्ज
सोमवार को जिले में औसतन 119 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह रिकॉर्ड बारिश है। सबसे अधिक राई ब्लॉक में 183 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गन्नौर में 12 घंटे के दौरान 168 एमएम, गोहाना ब्लॉक में 103 एमएम, खरखौदा ब्लॉक में 75 एमएम, खानपुर ब्लॉक में 70 एमएम और सोनीपत ब्लॉक में 117 एमएम बारिश हुई। सोमवार को महज 12 घंटे के अंदर जिले में सालभर की 16 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ के अनुसार जिले में एक साल में औसतन 720 एमएम बारिश होती है। दिन के समय हल्की बारिश जारी रहने से भू जलस्तर को भी काफी फायदा पहुंचेगा।
तालाब बना शनि मंदिर अंडरब्रिज
सोनीपत शहर में हुई बारिश के कारण वाहन चालकों के लिए रेलवे लाइन पार करना मुश्किल हो गया। सारंग रोड अंडरब्रिज के साथ शनि मंदिर रोड अंडरब्रिज में घंटों तक पानी जमा रहा। अंडरब्रिज ने तालाब का रूप ले लिया। यही नहीं शहर की अधिकतर सड़कों पर जलभराव के कारण ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई वाहन पानी में बंद हो गए। पुलिसकर्मी भी वाहनों को धकेलकर पानी से निकालते नजर आए। सड़कों के अतिरिक्त बाजारों में दुकानों के अंदर और कई कॉलोनियों में घरों के अंदर पानी घुस गया। सरकारी कार्यालय भी जलभराव से बच नहीं पाए और बिजली निगम के कार्यालय में जलभराव हो गया। बारिश के कारण रोडवेज की सेवाएं भी प्रभावित रहीं। विभिन्न मार्गों पर सिर्फ 55 बसें ही चल पाईं। कुछ स्थानों पर मकान में दरार भी आ गई।
बारिश से किसान खुश, खरीफ सीजन की फसलों को फायदा
सोमवार को हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बारिश के कारण खरीफ सीजन की फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। इसके लिए किसानों का लाखों रुपये का सिंचाई का खर्च भी कम हो गया है। बारिश होने से धान, ज्वार, बाजरा सहित अधिकतर फसलों की बढ़वार अब बेहतर ढंग से होगी। हालांकि कृषि विभाग ने कपास उत्पादक किसानों को सलाह दी है कि वह अपने खेतों में पानी जमा न होने दें। बारिश से सब्जी उत्पादक किसानों को हालांकि नुकसान झेलना पड़ा है। विभाग ने सब्जी उत्पादक किसानों का भी आह्वान किया है कि वे खेत में जल निकासी की व्यवस्था जरूर करें। जिले में खरीफ सीजन के इस बार करीब 1 लाख 17 हजार हेक्टेयर भूमि में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 90 हजार हेक्टेयर भूमि में धान उगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 70 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई व बिजाई का काम पूरा किया जा चुका है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, डीसी बोले- जरूरी न हो तो घरों से बाहर न निकलें
दूसरी तरफ जिला प्रशासन द्वारा भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। जिला उपायुक्त ने मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के अनुसार बताया कि सोमवार के बाद मंगलवार को भी भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जर्जर इमारतों से दूर रहें। बारिश के समय बिजली के तार, पेड़ और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाए रखें।
बारिश में करंट लगने से युवक की मौत
गांव बढ़खालसा में बारिश की वजह से घर में पानी भरने व करंट लगने से युवक की मौत हो गई। मूलरूप से यूपी के जिला रामपुर के गांव खमरिया निवासी तेजपाल सिंह ने बताया कि वह बढ़खालसा के पास कंपनी में काम करते हैं और किराये पर रहते हैं। उनके तीन बच्चों में सबसे बड़ा बेटा रोहित (24) एमबीए करने के बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता था। रोहित से छोटी दो बेटियां हैं। शनिवार को वह उनके पास आया था। सोमवार तड़के बारिश का पानी घर में भर गया। वह इनवर्टर बंद करने लगा तो उसे करंट लग गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
वर्जन
मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। सोमवार को औसतन 119 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से खरीफ सीजन की फसलों को फायदा पहुंचा है। किसानों को सलाह दी गई है कि कपास और सब्जियों की फसलों में अधिक पानी जमा न होने दें।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
ककरोई चौक पर दो फुट भरे पानी के बीच बंद ईको वैन को धक्का मारकर ले जाते पुलिस कर्मी। संवाद- फोटो : Sonipat
गोहाना रोड पर कई फुट तक भरे बारिश के पानी के बीच खड़े वाहन। संवाद- फोटो : Sonipat