संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। किसान आयोग के सीईओ डॉ. रविंद्र सिंह चौहान की पहल पर गठित विशेषज्ञ कार्य समूह में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सोनीपत के वरिष्ठ कृषि अर्थशास्त्री डॉ. परमिंदर मलिक को संयोजक नियुक्त किया गया है। यह समूह राज्य में जैविक और प्राकृतिक खेती की मौजूदा स्थिति का अध्ययन कर किसानों के हित में व्यावहारिक सुझाव तैयार करेगा।
हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की तरफ से गठित विशेषज्ञ कार्य समूह की अध्यक्षता वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल करेंगे। डॉ. परमिंदर मलिक के साथ कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों को भी सदस्य बनाया गया है।
कार्य समूह हरियाणा में प्राकृतिक और जैविक खेती की वर्तमान स्थिति का व्यापक आकलन करेगा। इसमें विभिन्न जिलों में जैविक खेती का दायरा, फसलवार उत्पादन, उपज में अंतर तथा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन किया जाएगा।
साथ ही सरकार की योजनाओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), खरीद व्यवस्था, बीज एवं खाद उपलब्धता, फसल बीमा और कृषि विस्तार सेवाओं की भी समीक्षा होगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
समूह आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज किस्मों और कम लागत वाली खेती के मॉडल पर भी सुझाव देगा। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन और सूखे की चुनौतियों के अनुरूप फसल किस्मों पर हो रहे शोध का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि किसानों को अधिक लाभकारी और टिकाऊ खेती के विकल्प मिल सकें। विशेषज्ञ समूह जैविक उत्पादों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था, मूल्य संवर्धन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उपाय भी सुझाएगा। उद्देश्य यह है कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकें।
किसानों से सीधे संवाद करेगी समिति
समिति किसानों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी दर्ज करेगी, ताकि तैयार होने वाली नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों। डॉ. परमिंदर मलिक ने कहा कि कार्य समूह की सिफारिशें भविष्य में हरियाणा की नई कृषि नीति और किसान कल्याण योजनाओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।