सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल की शिक्षक यूनियन (डीक्रूटा) ने कुलपति पर शक्तियों का दुरुपयोग करने के आरोप लगाते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा है। इसमें डीक्रूटा ने 43वीं ईसी की बैठक की मिनिट्स को रद्द करने की मांग की है। वहीं कुलपति की तरफ से की जा रही अनियमितताओं की भी जांच की मांग की है। आमरण अनशन पर बैठे शोधार्थी की खराब होती जा रही हालत को लेकर शिक्षकों ने चिंता जताई है।
डीक्रूटा प्रधान डॉ. अजय कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक व शोधार्थियों का धरना 45 दिन से लगातार जारी है। 07 जुलाई को 43वीं ईसी की मिनिट्स में कुलपति ने हरियाणा विधानसभा में पास विवि एक्ट की धज्जियां उड़ाई हैं। कुलपति ने विवि एक्ट के विपरीत जाकर ईसी के सदस्य नामित किए गए। वकील हायर करने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से तय नियम के अनुसार पैसे दिए जाते हैं, जबकि कुलपति ने यहां भी अपनी जान पहचान के वकीलों को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए ईसी में अपनी इच्छा से वकीलों की फीस देने का प्रस्ताव पास करवाया। उन्होंने कहा कि विवि में पहली बार ऐसे मिनिट्स आए जो गोपनीय हैँ।
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे शोधार्थी की हालत को देखते हुए शिक्षक बुधवार को कुलपति से मिले और शोधार्थियों की मांगों को पूरा करने की मांग की। डीक्रूटा ने चेताया कि शोधार्थियों के साथ किसी प्रकार की अनहोनी हुई तो उसके लिए कुलपति जिम्मेवार होंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में उप प्रधान डाॅ. अनिल यादव, डाॅ. ललित यादव, डाॅ. धमेंद्र, गैर शिक्षक यूनियन से उपप्रधान सुरेश कुमार, राजकुमार शर्मा सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।