संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सरकारी स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के गुरुजी की कमी दूर करने के लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला विज्ञान व गणित विशेषज्ञ को नियुक्त किया है। जिला विज्ञान व गणित विशेषज्ञ के रूप में तैनात शिक्षक अब राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को ज्ञान देंगे।
जब तक जिले में अन्य स्थायी विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं हो जाती है, तब तक इन शिक्षकों को विशेषज्ञों के रूप में जिलास्तरीय योजनाओं संबंधी अपने दायित्व का पहले की तरह निर्वहन करना होगा।
शिक्षा निदेशालय ने राजकीय विद्यालयों में चल रही खासतौर पर विज्ञान व गणित विषयों के शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जिला विज्ञान व गणित विशेषज्ञों से सेवाएं लेने की योजना बनाई है ताकि विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का लाभ मिल सके।
जब तक अन्य शिक्षकों को उक्त पदों पर नियुक्ति नहीं मिलती तब तक उन्हें जिला विज्ञान व गणित विशेषज्ञ के पद पर एडिशनल चार्ज भी सौंपा गया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। वे नियमित रूप से विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही अपने जिलास्तरीय दायित्व को भी निभाते रहेंगे।
किस विशेषज्ञ को किस विद्यालय में मिली जिम्मेदारी
जिला गणित विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत नीति को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) रोहट में समायोजित किया गया है। अब वह जिला गणित विशेषज्ञ के कार्यों के साथ-साथ अलॉट किए गए राजकीय विद्यालय में विद्यार्थियों को गणित विषय के जोड़-तोड़ सिखाती नजर आएंगी। वहीं जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुरेंद्र सिंह पहले से ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) बड़ौली में कार्यरत हैं। इसके साथ जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में विभिन्न योजनाओं संबंधी कार्यों के रूप में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं।
निदेशालय के निर्देशानुसार अगर संबंधित विशेषज्ञों को अपने पदों पर बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें आवेदन करने के साथ परीक्षा व साक्षात्कार में भाग लेकर स्थायी नियुक्ति प्राप्त करनी होगी। अन्यथा तब तक वह आवंटित किए गए राजकीय विद्यालयों में अस्थायी रूप से अपनी सेवाएं देंगे।
वर्जन
विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जिला विज्ञान व गणित विशेषज्ञ को स्कूल आवंटित कर दिए है। अनुभवी विज्ञान व गणित शिक्षकों की सीधी मौजूदगी से विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ मिलेगी। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी