सोनीपत। जिला परिषद की बैठक उस समय विवाद का केंद्र बन गई जब विकास कार्यों की अनदेखी व अधिकारियों के रवैये को लेकर जिला पार्षदों ने हंगामा कर दिया। विकास कार्यों में अनियमितताओं और ओपन जिम व वाटर कूलर लगाने में घोटाले के आरोपों को लेकर पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई।
पार्षदों ने अधिकारियों पर ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। राई क्षेत्र के जेई को सस्पेंड करने की मांग की। हंगामे के बीच चेयरपर्सन मोनिका दहिया सहित सभी पार्षदाें ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय स्थित डीआरडीए हाॅल में मंगलवार को हुई बैठक के शुरू होने के कुछ देर बाद ही जिला पार्षद संजय बड़वासनी विरोध स्वरूप कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास कार्यों के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जब तक पार्षदों की मांगों की सुनवाई नहीं होती, तब तक वह विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।
उनका कहना था कि अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जिला पार्षद तकदीर नरवाल, रवि इंदौरा, देवेंद्र कुमार, संत कुमार का आरोप था कि ओपन जिम लगवाने, ट्यूबवेल लगवाने के दौरान मोटा कमीशन खाया जा रहा है। निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सभी पार्षदों ने एकजुट होकर बैठक का वॉकआउट कर दिया। उनका कहना था कि अधिकारियों का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार और पारदर्शिता की कमी के चलते यह कदम उठाना पड़ा। जिप चेयरपर्सन ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण पार्षदों की बात नहीं सुनी जा रही है। कई बार पार्षदों ने निर्माण कार्यों में कमियों को लेकर फोटो और वीडियो अधिकारियों को दिखाए,मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ठेकेदारों के पक्ष में निर्णय लेकर भ्रष्टाचार को दिया बढ़ावा
चेयरपर्सन ने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो जिला परिषद कार्यालय केवल अधिकारियों के अधीन ही चलेगा। जनप्रतिनिधियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से लगातार ठेकेदारों के पक्ष में निर्णय लिए जा रहे हैं। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विकास कार्यों को बहुत ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं, पर अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय आंख बंद किए हुए हैं।
इन मांगों को लेकर जमीन पर बैठे जिला पार्षद
खिजरपुर जट माजरा गांव में पानी की निकासी, 100 गज के प्लाॅट के लिए बिजली व पानी की व्यवस्था की मांग पर जिला पार्षद संजय बड़वासनी जमीन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि गांव में पंचायती राज ने करीब 70 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जा रहा है। ढाई वर्ष से लगातार निकासी की मांग कर रहे हैं। इस पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभय जांगड़ा ने उपमंडल अभियंता की ड्यूटी लगाई। जिला पार्षद ने गांव थरिया, शहजादपुर में ट्यूबवेल लगवाने की मांग की। अधिकारियों से आश्वासन के मिलने के जिला पार्षद जमीन से उठकर कुर्सी पर बैठे।
पार्षदों ने जिन कामों में अनियमितता के आरोप लगाए गए है, उनकी जांच करवाई जाएगी। गांवों में हुए विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए एसडीओ की ड्यूटी लगाई गई है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट देंगे। किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभय सिंह जांगड़ा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद