सोनीपत। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए) से कोई भी जरूरतमंद घर बैठे कानूनी मदद ले सकता है। डीएलएसए लोगों की मदद को हर समय तैयार है। जरूरतमंद डीएलएसए कार्यालय नहीं पहुंच पाएगा तो उनके घर पर पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) भेजकर उनकी मदद की जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम प्रचेता सिंह ने बताया कि जिले के किसी भी विभाग से संबंधित कोई भी काम नहीं होने पर उनके यहां शिकायत दी जा सकती है। इसके लिए कोई भी व्यक्ति प्राधिकरण के कार्यालय में आ सकता है। इतना ही नहीं अगर कोई महिला या व्यक्ति उनके कार्यालय में नहीं आना चाहता तो वह भी प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 या मोबाइल नंबर 8708260763 डायल कर मदद ले सकता है। संपर्क करने के 24 घंटे के अंदर शिकायत को पंजीकृत कर प्राधिकरण के अधिवक्ता या पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) शिकायतकर्ता तक पहुंचेंगे। उनसे पूरी जानकारी लेकर उनकी मदद की जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण के पास पर्याप्त कर्मचारी व अधिवक्ता हैं। साथ ही अगर शिकायतकर्ता अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहता तो उसकी पहचान उजागर किए बिना भी प्राधिकरण किसी भी विभाग के घपले या घोटाले की जानकारी मिलने पर काम करेगा।
प्राधिकरण के पास अधिवक्ता के साथ पीएलवी स्टाफ
सीजेएम प्रचेता सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के पास पैनल में 37 अधिवक्ता है। साथ आपराधिक मामलों के अधिवक्ता भी हैं। सभी अधिवक्ता पीड़ितों की मदद को हर समय तैयार रहते हैं। वहीं प्राधिकरण के पास करीब 45 पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) हैं। उन्हें तुरंत पीड़ित के पास भेजकर मदद कराई जाती है।
इंतकाल से लेकर पेंशन व आधार कार्ड बनवाने तक की मदद
डीएलएसए लोगों के हर काम में मदद कर सकता है। यहां तक की इंतकाल कराने, पेंशन बनाने या आधार कार्ड बनवाने तक में मदद करते हैं। डीएलएसए बंदियों को कानूनी मदद देता है। मध्यस्थता से लोगों के मामले निपटाए जाते हैं। मेडिकल सुविधाएं दिलवाने, बैंक में खाता खुलवाने व दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक मदद दिलवाने में मदद करता है।
यह भी ले सकते हैं मदद
पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग, महिलाएं या नाबालिग, न्यायिक हिरासत में, दिव्यांग, औद्योगिक कर्मचारी, बेगार से पीड़ित, देह व्यापार से पीड़ित, बाढ़-भूकंप जैसी सामूहिक आपदा से पीड़ित की तुरंत मदद की जाती है। जनहित में याचिका दायर करने, दंगा या उग्रवाद से पीड़ित और आश्रित, वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त कर्मचारी मदद ले सकता है।