संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पंजाब से अलग होकर हरियाणा प्रदेश 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आया था। 58 वर्ष में प्रदेश के साथ ही सोनीपत का भी लगातार विकास हुआ। प्रदेश बनने के छह साल बाद वर्ष 1972 में सोनीपत को जिला का दर्जा मिला। अब सोनीपत खेल व शिक्षा में ही हब नहीं रहा बल्कि उद्योगों में भी देश का बड़ा हब बनता जा रहा है। सोनीपत को महानगर बनाया जा चुका है। खरखौदा में आईएमटी और उसमें मारुति उद्योग के आने से यहां विकास तेजी से हो रहा है।
सोनीपत को महानगर बनाने के बाद विकास की दिशा में लगातार पहल हो रही है। बस पोर्ट से लेकर अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी, रेल कोच फैक्टरी जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट सोनीपत की पहचान बनते जा रहे हैं। गुरुग्राम में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और फरीदाबाद में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने विकास किया है, अब उसी तर्ज पर दिल्ली से सटे प्रदेश के तीसरे जिले सोनीपत को भी महानगर बनाकर विकास की पटकथा लिखी जा रही है। एसएमडीए यानि सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण का गठन कर बजट जारी किया जा चुका है।
सोनीपत का विकास अब शहर की सीमा के पार भी हो रहा है। वर्तमान शहर एक ओल्ड सिटी तथा राई-कुंडली क्षेत्र नए सोनीपत के रूप में विकसित किए जाएंगे। यह गुरुग्राम एवं फरीदाबाद की तर्ज पर ही हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के इस हिस्से को भविष्य में ऐसा बनाया जाएगा कि बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। विभिन्न ड्रेनों पर नए पुल बनाए जाएंगे।
सेक्टर-35 ए व 87 में नया परिवहन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। कुंडली तक मेट्रो के साथ इसमें रैपिड मेट्रो का प्रस्ताव भी शामिल है। सेक्टर-7 में अंतरराज्यीय बस पोर्ट बनेगा। सोनीपत से दिल्ली और दिल्ली से पानीपत रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल चुकी है।
बढ़ती आबादी के अनुसार तैयार होगा पूरा खाका
मास्टर प्लान पर निगाह डालें तो सोनीपत-कुंडली मल्टीफंक्शनल अर्बन कॉम्पलेक्स (बहु क्रियाशील शहरी परिसर) की प्रारूप विकास योजना 16 लाख लोगों की अनुमानित आबादी के लिए तैयार की गई है। सोनीपत की जनसंख्या 1941 में महज 17 हजार 781 थी तथा मास्टर प्लान के तहत 2031 में जनसंख्या 25 लाख 23 हजार 52 तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यहां महानगरीय सुविधा समय की मांग है।
ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी भी प्रस्तावित
कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) के साथ-साथ हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे विकास में तेजी आएगी। इतना ही नहीं वर्षों से बंद पड़ा गन्नौर की अंतरराष्ट्रीय बागवानी टर्मिनल का काम भी अब शुरू हो गया है। लंबे समय से प्रस्तावित बस पोर्ट के लिए भी अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो सकेगा। जिससे विकास की नई इबारत लिखी जा सकेगी।