फोटो : सोनीपत के खरखौदा शहर स्थित एक गली में खंभे पर टूटकर लटकती स्ट्रीट लाइट। संवाद
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खरखौदा। शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने पर लाखों खर्च के बावजूद हालात जस के तस हैं। सूर्य ढलने के बाद दुर्घटना, चोरी व असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ जाता है। इस पर नपा ने तीसरा नाेटिस जारी किया है।
नगरपालिका की ओर से स्ट्रीट लाइटों को लगवाने के साथ उनके रखरखाव का टेंडर जिस निजी कंपनी को दिया है उस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हो रही। इसकी शहरवासी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
पार्षदों की ओर से कई बार अवगत कराने के बावजूद टेंडर लेने वाली कंपनी के इलेक्ट्रिशियन फोन तक नहीं उठा रहे। गलियों में अंधेरा होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
सवाल उठा रहा है कि जब नगर पालिका हर साल व्यवस्था पर भारी भरकम बजट खर्च करती है तो जमीनी स्तर पर सुधार क्यों नजर नहीं है।
नगर पालिका ने तीसरा नोटिस थमाया
नगरपालिका ने कंपनी की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए तीसरा नोटिस थमाया है। इससे पहले भी दो बार नोटिस जारी कर समयबद्ध तरीके से खराब लाइटों को ठीक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। अब तीसरे नोटिस के बाद भी यदि कंपनी ने काम में तेजी नहीं दिखाई तो कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जनता की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं होगा, अगर इस नोटिस के बावजूद कंपनी ने काम शुरू नहीं किया, तो टेंडर कैंसिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
- मनीष, सचिव, नगरपालिका