फोटो 02- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित श्रीराम शरणम आश्रम में प्रवचन करते नवरत्न चोपड़ा। स्रोत : आ
सोनीपत। सेक्टर-15 स्थित श्रीराम शरणम् आश्रम में चल रहे रामायण महा यज्ञ के आठवें दिन आश्रम प्रमुख नवरत्न चोपड़ा ने साधकों को लंका कांड का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि रावण वेदों का महाज्ञाता, पंडित एवं महा शक्तिशाली राजा था। उसने अज्ञानता वश माता सीता का अपहरण किया। इसी कारण उसके वंश का विनाश हुआ।
नवरत्न चोपड़ा ने बताया कि लंका कांड का ही परिणाम रहा कि अधर्म पर धर्म, पाप पर पुण्य की विजय हुई। रावण के साथ उनके शक्तिशाली भाई कुंभकरण, बेटे इंद्रजीत का भी अंत हो गया। रावण की मौत के पश्चात श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण को रावण से शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा था।
आश्रम में कमला अरोड़ा, राजबाला छिक्कारा के साथ सभी साधकों ने रामायण के श्लोकों व चौपाइयों का सामूहिक पाठ किया। संकीर्तन कर माता रानी व श्रीराम के भजन सुनाए। कार्यक्रम में रमन कालरा, जतिंद्र रेलन, कृष्ण लूथरा, रमेश कपूर, प्रेम बत्रा, अश्वनी टुटेजा, प्रदीप गुप्ता, पुनीत गुप्ता मौजूद रहे।
फोटो 02- सोनीपत के सेक्टर-15 स्थित श्रीराम शरणम आश्रम में प्रवचन करते नवरत्न चोपड़ा। स्रोत : आ