सोनीपत। गांव फरमाणा डाकखाना के तत्कालीन उप डाकपाल पर फर्जी हस्ताक्षर कर बचत खाता से 2.56 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसने लंबे समय से बंद पड़े एक खाते से नकदी निकाल ली थी। मामले का पता लगने पर डाकघर अधीक्षक सोनीपत ने एसपी को शिकायत दी। जिस पर अब पुलिस ने तत्कालीन उप डाकपाल के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। खाताधारक के खाते से 13 बार में अलग-अलग समय राशि निकाली गई। डाकघर अधीक्षक सोनीपत मंडल कृष्ण मान ने एसपी को लिखे पत्र में बताया कि फरमाणा डाकखाना के उप डाकपाल ने बचत खाता से नकदी निकालकर गबन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरमाणा डाकखाना में 28 अगस्त, 2016 से 25 मार्च, 2017 तक न्यू जीवन नगर सोनीपत निवासी देविंद्र कुमार उप डाकपाल के पद पर नियुक्त रहे। देविंद्र कुमार ने जसराणा निवासी जयबीर और उसके भाई जगबीर के संयुक्त खाते से 2.56 लाख रुपये गबन कर निकाल लिए। राशि अलग-अलग तारीख में फर्जी हस्ताक्षर कर निकाली गई है। खाताधारक जगबीर ने बताया कि उन्होंने 19 अगस्त, 2016 के बाद अपने खाते से कोई लेनदेन नहीं किया था। जब वह अपने खाते के बारे में जानकारी लेने आए तो मामले का पता लग सका। जिस पर डाकघर अधीक्षक ने 18 मई 2020 को मामले को लेकर एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी। जिसकी जांच के बाद अब पुलिस ने तत्कालीन उप डाकपाल देविंद्र कुमार के खिलाफ भादसं की धारा 409 के तहत गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कब-कब निकाली गई खाते से राशि आरोप है कि देविंद्र कुमार ने अलग-अलग समय में 13 बार जसराणा निवासी जयबीर और उसके भाई जगबीर के संयुक्त खाते से 2.56 लाख रुपये निकाले हैं। -23 दिसंबर, 2016 20000 रुपये -9 जनवरी, 2017 5000 रुपये -10 जनवरी, 2017 19000 रुपये -17 जनवरी, 2017 10000 रुपये -21 जनवरी, 2017 24000 रुपये -30 जनवरी, 2017 20000 रुपये -10 फरवरी, 2017 24000 रुपये -18 फरवरी, 2017 24000 रुपये -4 मार्च, 2017 40000 रुपये -10 मार्च, 2017 10000 रुपये -15 मार्च, 2017 10000 रुपये -18 मार्च, 2017 40000 रुपये -25 मार्च, 2017 10000 रुपये वर्जन उप डाकपाल के खिलाफ बचत खाता से नकदी निकालकर गबन करने की शिकायत मिली थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द मामले का पटाक्षेप किया जाएगा। बिजेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, खरखौदा।