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बेगा के तीन और केसों की पुष्टि, 50 पार संदिग्ध

Wed, 26 Aug 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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एक सप्ताह पहले गांव बेगा के जिस परिवार से डेंगू से पीड़ित पांच लोग मिले थे उसी परिवार के तीन अन्य सदस्यों की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही जिले में अब डेंगू प्रभावित मरीजों की संख्या सात से बढ़कर 10 हो गई है। जबकि डेंगू के संदिग्ध केसों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है।
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वहीं डेंगू के बढ़ते प्रकोप से बचने के लिए मलेरिया विभाग प्रतिदिन बैठक आयोजित कर अलग से नई योजनाएं बनाने में जुटा है। हालांकि विभागीय कर्मचारियों ने अपने अभियान में तेजी लाते हुए पिछले एक सप्ताह में ही लगभग 23 हजार कूलर और पानी की टंकियों की जांच करने का काम पूरा कर लिया है। इधर मजे की बात यह है कि जहां डेंगू का डंक लोगों पर भारी पड़ता जा रहा है वहीं लैब इंचार्ज के छुट्टी पर चले जाने से डेंगू की जांच के लिए बनाए गए अलग कमरा नंबर-206 पर ताला जड़ दिया गया है।
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प्रभावित मरीजों के घरों के आसपास फॉगिंग का दिया आदेश
एक सप्ताह पूर्व एक ही परिवार के जिन पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी उनमें शांति भूषण, संतोष देवी, विनोद, कविता और लोकेश शामिल था जबकि बाकी अन्य सदस्यों को संदिग्ध मरीज मानते हुए उसे जांच के लिए भेजा गया था। वहीं केस पॉजिटिव पाए जाने के बाद मलेरिया विभाग फिर से प्रभावित मरीजों के घरों के आसपास फॉगिंग का आदेश दिया है।
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सीएमओ ने जारी विशेष निर्देश
डेंगू की रोकथाम के लिए मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में जिलेभर से आए सभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों को मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार और चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए विशेष निर्देश जारी किया गया। इस मौके पर सिविल सर्जन ने सभी डॉक्टरों को आदेश जारी किया कि मलेरिया और डेंगू जैसे संदिग्ध मरीज आने पर उनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग तक जरूर पहुंचाएं। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जयकिशोर ने भी मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए सभी डॉक्टरों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए बनाए गए अलग वार्ड
डेंगू पीड़ित मरीजों के लिए सामान्य अस्पताल के द्वितीय मंजिल पर अलग से एक वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में छह बेड लगाए गए हैं। सभी बेडों पर अलग-अलग मच्छरदानी का भी प्रयोग किया गया है। साथ ही कमरे में मच्छरों को मारने के लिए एक इंसेक्ट किलर भी लगाया गया है।


डेंगू के सभी मरीज तंदुरुस्त
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, वह सभी फिलहाल फिट हैं। विभाग के अनुसार, इन सभी मरीजों में अब डेंगू के कोई लक्षण नहीं है। विभाग का कहना है कि इन सभी मरीजों के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों पर भी नजर है। साथ ही पॉजिटिव मरीजों सहित अन्य संदिग्ध मरीजों के घरों के आसपास फॉगिंग का काम भी पूरा किया जा रहा है। वहीं जिन मरीजों में बुखार की शिकायत आ रही है उन सभी के ब्लड स्लाइड बनाकर लैब में जांच के लिए भेजा रहा है।

संदिग्ध मरीजों की जांच का काम हुआ ठप
जहां एक ओर डेंगू के डंक से लोग की परेशानी बढ़ती जा रही है वहीं डेंगू के लिए अलग से तैयार कमरा नंबर 206 में ताला जड़ दिया गया है। कर्मचारी के छुट्टी पर चले जाने से फिलहाल संदिग्ध मरीजों की जांच का काम ठप हो गया है। पूरे अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए एकमात्र लैब  टेक्नीशियन है।

ऐसे में फिलहाल ब्लड सैंपल लेने का काम कमरा नंबर-57 में किया जा रहा है। हालांकि मरीज को डेंगू है या नहीं इसके लिए जांच की प्रक्रिया का कार्य एक लैब टेक्नीशियन के जिम्मे ही होता है।



30 से 35 मरीज आने के बाद ही हो रही है जांच
सामान्य अस्पताल में डेंगू की पुष्टि की जा रही है। मैक अलाइजा किट के जरिए डेंगू प्रभावित मरीजों की पुष्टि की जा रही है। जिसकी रिपोर्ट आठ से दस घंटे के अंदर दे दी जाती है, लेकिन खास बात यह है कि अलाइजा किट के जरिए एक से दो संदिग्ध मरीजों की जांच नहीं की जाती।

इसके लिए विभाग 30 से 40 मरीजों के ब्लड स्लाइड लेने के बाद ही किट का इस्तेमाल करता है। ऐसे में कई ऐसे संदिग्ध मरीज हैं जिन्हें डेंगू की पुष्टि के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ जाता है।


मलेरिया विभाग की अपील, लोग भी करें सहयोग
मलेरिया विभाग ने लोगों से अपील की है कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए आम लोगों को भी आगे आना होगा। विभाग की ओर से कहा गया है कि डेंगू की रोकथाम के लिए पूरा विभाग सक्रिय है।

इसके लिए प्रतिदिन कूलर और टंकियों की जांच की जा रही है, लेकिन कुछ जगहों पर लोगों के बेहतर सहयोग के बिना अभियान पर असर पड़ रहा है। डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों को भी आने होगा ताकि इस पर शत-प्रतिशत काबू पाया जा सके।

डेंगू की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग पूरी तरह सक्रिय है। उनका प्रयास है कि डेंगू के पॉजीटिव केसों की संख्या नहीं बढ़े। इसके लिए दिनरात विभागीय कर्मचारी मेहनत कर रहे हैं। इस मौसम में लोगों से अपील की गई है कि सोने के वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल शत-प्रतिशत करें।
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-बस्त्रत्त्लबीर सिंह, जिला स्वास्थ्य निरीक्षक, मलेरिया विभाग
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